बिना अनुमति सरकारी भवनों व दीवारों पर चस्पा किए जा रहे पोस्टर व बैनर, नहीं हो रही कोई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। कोचिंग सेंटर, पीजी, कंपनियों में जॉब, ज्वेलर्स आदि के संचालक अपने संस्थानों के प्रचार-प्रसार के लिए अवैध रूप से सरकारी भवनों की दीवारों पर बैनर व पोस्टर चस्पा करा रहे हैं। इससे शहर की सुंदरता को नुकसान पहुंचता है और नगर निगम गुरुग्राम के राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। शहर में खुलेआम संपत्ति विरूपण अधिनियम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन पोस्टर व बैनर चस्पा करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन व नगर निगम गुरुग्राम के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे।
शहर में सरकारी विभागों के भवनों व कार्यालयों, सरकारी स्कूल-कॉलेज की चहारदीवारी के अलावा विभिन्न सरकारी कार्यालयों की चहारदीवारी पर पोस्टर चिपकाने से बाज नहीं आ रहे हैं। जबकि नियम के अनुसार सार्वजनिक स्थानों, सरकारी भवनों की दीवारों व सरकारी संपत्ति पर कोई व्यक्ति अपने निजी पोस्टर या बैनर आदि नहीं लगाए जा सकते। निगम प्रशासन इन्हें लगाने के लिए स्थान चयनित करता है, लेकिन गुरुग्राम शहर में सरकारी भवनों की दीवारों पर बिना अनुमति के पोस्टर व बैनर आदि लगाए जा रहे हैं। वहीं सार्वजनिक जगहों पर खुलेआम शिक्षण संस्थान व अन्य कंपनियां अपने विज्ञापन का पोस्टर चस्पा करके दिग्भ्रमित कर रहे हैं।
शहर में बिजली निगम के पोल, डिवाइडर, बस स्टैंड सहित अन्य जगहों पर खुलेआम बिना किसी रोक-टोक के पोस्टर चस्पा किए जा रहे हैं। इससे शहर की खूबसूरती भी प्रभावित हो रही है। कोचिंग संस्थान के अलावा अन्य संस्थानों की ओर से हरियाणा सार्वजनिक संपत्ति रोकथाम विरूपण अधिनियम-1989 का उल्लंघन किया जा रहा है, जिसे रोकने के लिए जिम्मेदार लोग भी ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
पोस्टर चस्पा करने वालों पर अधिनियम के तहत कार्रवाई
हरियाणा सार्वजनिक संपत्ति रोकथाम विरूपण अधिनियम-1989 के अनुसार किसी भी प्रकार के विज्ञापन, पोस्टर व बैनर आदि लगाने से पहले संबंधित सक्षम अधिकारी या संबंधित संपत्ति के मालिक की अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति के पोस्टर व बैनर आदि लगाने वाले के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसका उल्लंघन करने वालों को जेल भी जाना पड़ सकता है। बिना अनुमति के पोस्टर, बैनर लगाने वालों को चिह्नित करके मुकदमा दर्ज भी नहीं कराया जा रहा है।