2.31 करोड़ से होगा पेंट का काम, 1530 कमरों की होगी मरम्मत
गुरुदत्त भारद्वाज
पुन्हाना। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले जिले के सरकारी स्कूलों की इमारतें अब नए रंग-रूप में नजर आएंगी। लंबे समय से जर्जर हालत में खड़ी स्कूल इमारतों को संवारने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। जिले के 81 स्कूलों के 1530 कमरों में पेंट का काम कराया जाएगा। इसके लिए 2.31 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण देना और स्कूलों को आकर्षक बनाना है।
सूत्रों के अनुसार, जिले के अधिकतर सरकारी स्कूलों की इमारतें कई वर्षों से उपेक्षा का शिकार थीं। दीवारों का पेंट उखड़ चुका था, छतों में दरारें थीं, खिड़की-दरवाजे टूटी हालत में थे और शौचालयों व पानी निकासी व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो चुकी थी। इससे न केवल बच्चों और शिक्षकों के लिए परेशानी बढ़ रही थी, बल्कि अभिभावकों के बीच भी सरकारी स्कूलों की छवि प्रभावित हो रही थी। बार-बार शिकायतें होने के बावजूद लंबे समय तक इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। अब सरकार और शिक्षा विभाग ने इस दिशा में गंभीरता दिखाते हुए स्कूलों के नवीनीकरण का काम शुरू किया है। जिले के ऐसे जर्जर स्कूलों में शिक्षा विभाग व पंचायत विभाग द्वारा मरम्मत का काम पिछले काफी समय से चल रहा है तो अब लंबे समय से पेंट का इंतजार कर रहे स्कूलों पर पेंट कर दीवारों को आकर्षक बनाया जाएगा।
इन कामों पर होगा खर्च
शिक्षा विभाग के अनुसार ऐसे स्कूलों की दीवारों पर पेंट के अलावा चार अन्य छोटे मोटे कार्य भी होगें। उच्च गुणवत्ता के पेंट से काम कराया जाएगा ताकि लंबे समय तक दीवारों पर पेंट टिक सके। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। पहले चरण में सबसे ज्यादा जर्जर हालत में खड़े स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी। विभाग का लक्ष्य है कि इस साल के अंत तक सभी 81 स्कूलों में काम पूरा कर लिया जाए, ताकि नए शैक्षणिक सत्र में बच्चे साफ-सुथरे और आकर्षक वातावरण में पढ़ाई शुरू कर सकें।
बच्चों के लिए बेहतर माहौल
शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि स्कूल का माहौल बच्चों के मनोबल और पढ़ाई पर गहरा असर डालता है। जब बच्चे साफ-सुथरी और रंगीन दीवारों वाले कक्षों में पढ़ते हैं तो उनका मन पढ़ाई में अधिक लगता है। साथ ही साफ-सुथरा परिसर बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रेरित करता है। इससे न केवल उनकी उपस्थिति में वृद्धि होगी, बल्कि शिक्षा के स्तर में भी सुधार देखने को मिलेगा।
अभिभावकों और ग्रामीणों ने जताई खुशी
इस पहल को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में खुशी की लहर है। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से सरकारी स्कूलों की हालत देखकर दुख होता था। बच्चों को खराब माहौल में पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ता था। अब सरकार की ओर से मरम्मत और पेंटिंग के लिए फंड जारी होने से स्कूलों की छवि सुधरेगी और बच्चों के लिए पढ़ाई का माहौल बेहतर होगा। अभिभावकों का मानना है कि जब सरकारी स्कूलों की इमारतें निजी स्कूलों जैसी दिखेंगी तो अभिभावक भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए प्रेरित होंगे। इससे न सिर्फ सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार होगा, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आएगा। वहीं शिक्षा विभाग ने उम्मीद जताई है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद जिले के सरकारी स्कूलों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी और बच्चे नए जोश के साथ शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।
स्कूलों के कमरों में पेंट के कार्य के लेकर 2 करोड़ 31 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। इस पर कागजी कार्यवाही चल रही है। जल्द ही इसका टेंडर जारी कर स्कूलों के कमरों का पेंट का काम कराया जाएगा। नए सत्र से पहले ही ये काम पूरा कर लिया जाएगा।
- साकिर हुसैन, कनिष्ठ अभियंता शिक्षा विभाग पुन्हाना