कंपनी के कर्मचारी को किया था मैसेज, कर्मचारी ने 6.96 करोड़ रुपये डाल भेज दिए थे रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। एम3एम कंपनी का फर्जी निदेशक बनकर 6.96 करोड़ रुपये निकालने के मामले में आरोपी इशरत हुसैन की जमानत याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी है। यह आदेश सत्र एवं न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा की अदालत ने दिया है। कंपनी कर्मी की शिकायत पर साइबर अपराध थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
पीड़ित ने शिकायत में बताया था कि वह एम3एम कंपनी में काम करता है। 19 मई 2025 को उनके पास एक मैसेज आया था। मैसेज में लिखा था कि वह रूप बंसल (कंपनी का निदेशक) है और यह नया नंबर है लेकिन अभी मीटिंग में हूं इसलिए फोन मत करना। इसके बाद उस नंबर से रुपये भेजने के मैसेज आते थे और वह रुपये भेज देते थे। 19 से 27 मई तक 6.96 करोड़ रुपये उनके बताए खाते में भेज दिए गए थे। मामले का खुलासा होने पर पीड़ित ने केस दर्ज कराया था।
पुलिस ने इस मामले में नीतीश कुमार को गिरफ्तार किया था। वह एक कॉल सेंटर संचालित करता था। उसी कॉल सेंटर में याचिकाकर्ता इशरत हुसैन काम करता था। पुलिस ने मामले में 76 लाख रुपये बरामद किए हैं। यह आरोपी अन्य आरोपियों के साथ धोखाधड़ी की वारदात में शामिल था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।