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Gurugram News: लाखों खर्च के बाद भी लावारिस कुत्तों का आतंक

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- हर माह पहुंच रहीं 100 से ज्यादा शिकायतें, निगम का दावा- हर महीने करीब 350 से 400 लावारिस कुत्तों का बंधियाकरण और एंटीरेबीज टीकाकरण
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुुरुग्राम। मिलेनियम सिटी के लोग लावारिस कुत्तों के आतंक से परेशान हैं। आए दिन कुत्तों के काटने की शिकायतें मिल रही हैं। जबकि, इनकी रोकथाम के लिए निगम सालाना लाखों रुपये खर्च करता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रतिदिन 20 से 25 लोग एंटी रैबीज की वैक्सीन लगवाने पहुंचते है। इनमें से अधिकतर लावारिस कुत्ते के काटने के मामले होते हैं। निगम की ओर से शहर में हर महीने करीब 350 से 400 लावारिस कुत्तों का बंधियाकरण और एंटीरेबीज टीकाकरण कराने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि नगर निगम की टीमें शिकायतों के बाद भी लावारिस कुत्तों को पकड़ने नहीं पहुंती हैं। नियमित तौर पर कुत्तों का वैक्सीनेशन भी नहीं किया जा रहा है।



बता दें कि शहर में लावारिस कुत्ते काटने के मामले बढ़ रहे हैं। हाल ही में डीएलएफ फेज-2 में लावारिस कुत्ते के काटने से घायल 35 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला को कुछ दिन पहले एक साथ चार से पांच कुत्तों ने काट लिया था। स्थानीय निवासी दिनेश कुमार का कहना है कि इलाके में लावारिस कुत्तों का आतंक है। आए दिन कुत्ते के काटने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। डर की वजह से लोगों ने शाम होने के बाद घरों से निकलना बंद कर दिया है।
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ण्जेंसी पर कुत्तों के टीकाकरण में मनमानी का आरोप

नगर निगम ने बीते वर्ष शहर में कुत्तों की जनसंख्या की रोकथाम के लिए उनका बंधियाकरण करने और एंटीरेबीज टीकाकरण के लिए दो निजी एजेंसियों से अनुबंध किया हुआ है। इन एजेंसियों को निगम की ओर से एक कुत्ते के बंधियाकरण और टीकाकरण करने के लिए 900 रुपये का भुगतान किया जाता है। एजेंसियों पर नियमों का पालन न करने का आरोप है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

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हर महीने पहुंच रही शिकायतें



निगम सूत्रों की मानें तो निजी एजेंसियों के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। निगम में लावारिस कुत्तों को लेकर हर माह 100 से ज्यादा शिकायतें दर्ज होती हैं, लेकिन निगम की निजी एजेंसी 40 फीसदी शिकायतों का भी निस्तारण नहीं कर पाती है। निजी एजेंसी की मनमानी को लेकर कई बार निगम में भी शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।



यह इलाके हैं परेशान



ओल्ड दिल्ली रोड, जैकबपुरा, पालम विहार, धर्मपुर कॉलोनी, सेक्टर-34, डीएलएफ, सेक्टर-23, सूरत नगर, लक्ष्मी गार्डन, सिविल लाइंस सहित शहर के अन्य इलाकों में लावारिस कुत्तें सड़कों पर घूमते हुए दिखाई देते हैं। इससे पैदल राहगीरों के साथ वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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यहां हो चुकीं घटनाएं-



- सेक्टर-37 स्थित तक्षशिला सोसाइटी में लावारिस कुत्ते ने 8 वर्षीय बच्चे को काट लिया था।

- सेक्टर-56 स्थित केंद्रीय विहार में लावारिस कुत्ते ने एक युवक और एक तीन साल के बच्चे को काट लिया था।
- लावारिस कुत्ते ने सेक्टर-23ए में एक आठ साल की बच्ची पर हमला किया। गंभीर रूप से घायल बच्ची की निजी अस्पताल में सर्जरी हुई थी।

- मालिबु टाउन में भी एक महिला सहायिका को कुत्ते ने काट लिया था।
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वर्जन:
लावारिस कुत्तों के काटने से महिला की मौत होने की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। दो निजी एजेंसियों की मदद से शहर में हर महीने करीब 350 से 400 लावारिस कुत्तों का बंधियाकरण और टीकाकरण करने का काम हो रहा है। निजी एजेंसियों की लापरवाही की शिकायत पर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। - आशीष सिंगला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नगर निगम।
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