फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: झुकी हुई व क्षतिग्रस्त इमारत की सुरक्षा को लेकर बन रही तनावपूर्ण स्थिति

विज्ञापन
विज्ञापन
इमारत में रहने वाले चारों परिवारों ने खाली किए फ्लैट, रिश्तेदारों के घर पहुंचा रहे सामान
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-31 स्थित प्लॉट-769 में झुकी हुई चार मंजिला इमारत की सुरक्षा को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। बुधवार को इमारत के पास जैक लगाने के काम को लेकर प्लॉट मालिक और इमारत के चारों फ्लैट में रहने वाले मालिकों के बीच बहसबाजी हुई। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे मौके पर पहुंचे एचएसवीपी के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बहस भी हुई। इमारत के चारों फ्लैट मालिकाें ने स्पष्ट कहा है कि क्षतिग्रस्त इमारत से जुड़े मामले में एचएसवीपी जो भी कार्रवाई करना चाहता है, उसे पहले लिखित आदेश देना होगा। बिना आधिकारिक आदेशों के प्लाॅट में काम कराए जाने को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई है।
इमारतों में फ्लैट मालिक अमित वशिष्ठ, प्रवेश अत्री, मनोज भसीन और गोपाला कृष्ण ने कहा कि यहां कंसल्टेंट तो पहुंचे हैं, लेकिन एचएसवीपी के अधिकृत सरकारी अधिकारी भी आने चाहिए, ताकि वे इमारत की स्थिति को देखें। उनका कहना था कि इमारत की सुरक्षा को लेकर सिर्फ स्ट्रक्चर इंजीनियर की ओर से जांच करना पर्याप्त नहीं है। यहां चारों फ्लैट में रहने वाले परिवार के सदस्यों की जिंदगियों का सवाल है। इमारत के चारों फ्लैटों में रहने वाले चारों परिवारों ने अपना सामान उठाकर फ्लैट खाली कर दिए हैं। उन्होंने अपने सामान को रिश्तेदारों व जानकारों के घर पहुंचाया है। वे खुद भी किराये के मकान व फ्लैट देख रहे हैं।
विज्ञापन

प्लॉट नंबर 770 के मालिक विरेंद्र गोस्वामी ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर जैक लगाकर इमारत को रोकने व काम कराने की बात कही, जिसका क्षतिग्रस्त इमारत के फ्लैट मालिकों ने असहमति जताई है। ऐसे में जैक लगाने के काम और कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर मौके पर काफी देर तक बहस होती रही। फ्लैट मालिकों का कहना था कि एचएसवीपी के अधिकारियों को स्पष्ट करना चाहिए कि जैक लगाने का काम किसके निर्देश पर और किस अनुमति के तहत किया जा रहा है। एचएसवीपी के अधिकारियों के अनुसार, प्लॉट नंबर-770 के मालिक ने क्षतिग्रस्त इमारत की मरम्मत कराने पर आने वाले खर्च को वहन करने की बात कही है। वहीं, इमारत टूटने पर नई इमारत बनाने में कुछ लागत लगाने के बारे में भी कहा है। हालांकि क्षतिग्रस्त इमारत के चारों फ्लैट मालिकों अमित वशिष्ठ, प्रवेश अत्री, मनोज भसीन और गोपाला कृष्ण का कहना है कि उन्होंने फ्लैट खरीदने के लिए अपनी जमापूंजी खर्च की है और बैंकों से लोन भी चल रहे हैं। ऐसे में नई इमारत बनाने में वे रुपये खर्च करने की स्थिति में नहीं हैं।
विज्ञापन


इमारत नंबर-769 की सुरक्षा जांच के लिए स्ट्रक्चर इंजीनियर की सलाह ली जा रही है। बुधवार को इंजीनियर ने इमारत की जांच की है। स्ट्रक्चर इंजीनियर की रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जानी है। प्लॉट नंबर-770 में फिलहाल किसी भी तरह का निर्माण कार्य करने से मना किया गया है। -
अमित वशिष्ठ, एसडीओ सर्वे, संपदा विभाग-2, एचएसवीपी, गुरुग्राम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें