जांच के लिए देहरादून के लैब में भेजे जाएंगे तितलियों के सैंपल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। वाइल्ड लाइफ विभाग की ओर से छापे के दौरान जब्त की 85 प्रजाति की तितली व अन्य जीवों की खरीद-फरोख्त ऑनलाइन की जाती थी। विभागीय जांच में यह खुलासा हुआ है। मामले की जांच कर रही टीम उसके नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
विभाग की ओर से बरामद मृत तितलियों को प्रजाति जांच के लिए मंगलवार को देहरादून स्थित लैब भेजा जाएगा। देहरादून लैब की जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी पर विभाग की ओर से शिकंजा कसा जाएगा। लैब की जांच में अगर यह जीव शेड्यूल-एक में यह जीव पाए जाते हैं तो आरोपियों के खिलाफ पालम विहार थाने में मामला दर्ज किया जाएगा। शेड्यूल-एक की श्रेणी में अगर जीव नहीं मिलते हैं तो विभाग की ओर से उस पर जुर्माना किया जाएगा और उसकी दुकान भी बंद कराई जाएगी।
बता दें कि वन्य जीव विभाग की टीम ने सूचना के आधार पर आठ जनवरी की शाम को सेक्टर 23 के पास सजावटी सामान बेचने वाले दुकान पर छापेमारी की थी। वहां से मरे हुए जीवों को बरामद किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी दुकानदार इसे शोपीस की तरह सजाकर 5 से 10 हजार रुपये में बेचता था। दुकान से मरी हुईं तितलियों, बिच्छू व अन्य वन्य जीवों से बने सजावटी सामान बरामद किए गए थे। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि इन्हें बेचने वाला दुकानदार अमेरिका जाकर इस कारोबार को सीखकर आया था। इनकी बिक्री वह ऑनलाइन माध्यम से ही करता था।
अधिकारी बोले:
शोपीस के लिए बेचे जा रहे वन्य जीव के सैंपल को लैब भेजा जा रहा है। उसकी रिपोर्ट के आने बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उसके ऑनलाइन कारोबार को भी खंगाला जाएगा - राज कुमार जांगड़ा, वन मंडल अधिकारी (वन्य प्राणी), गुरुग्राम।