गुरुग्राम। शिक्षा निदेशालय ने बिना छात्र स्कूल जा रहे शिक्षकों की दोपहर में जल्दी छुट्टी करने की राहत दी है। यह निर्णय बढ़ रही गर्मी को देखते हुए लिया गया है। अब शिक्षक सुबह आठ बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक ही स्कूल में रुकेंगे। वहीं शिक्षकों ने इस निर्णय को राहत न मानकर शिक्षकों के साथ मजाक माना है। उनका कहना है कि स्कूलों का रुका हुआ प्रशासनिक कार्य पूरा हो चुका है। मिड डे मील और पुस्तक वितरण, शिक्षक डायरी, एमआईएस पर ऑनलाइन दाखिले जैसे सभी कार्य पूरे हो चुके हैं। अब बिना कार्य स्कूलों में बैठाकर मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। शिक्षकों को सौ फीसदी उपस्थिति से कोरोना का खतरा भी बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि गुरुग्राम के राजकीय स्कूलों में कई शिक्षक कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। वहीं शिक्षा विभाग की एक अधिकारी और एक कर्मचारी भी संक्रमित हुए हैं। शिक्षक संगठनों द्वारा कई बार मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को पत्र लिख सौ फीसदी उपस्थिति पर आपत्ति उठाई है। वहीं शिक्षकों को अभी तक राहत नहीं दी गई है। शिक्षकों का कहना है कि रोस्टर सिस्टम से भी शिक्षकों को बुलाया जा सकता है।
कोट
स्कूलों में सभी प्रशासनिक कार्यों को पूरा कर दिया गया है। बावजूद इसके शिक्षकों को स्कूल में बैठा कर रखने का निर्णय समझ से परे है। डेढ़ घंटा कम रुकने से हमें कोई राहत नहीं। शिक्षक मानसिक उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं।
दुष्यंत ठाकरान, प्राथमिक राजकीय शिक्षक संघ।