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Gurugram News: कचरे के ढेर पर व्यवस्था, सफाई में हड़ताल

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गंदगी के ढेरों पर सोहना। लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर।संवाद
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सोहना कस्बे के लोग एक महीने से झेल रहे हैं गंदगी का दंश
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संवाद न्यूज एजेंसी
गंदगी पर व्यवस्था, सफाई में हड़ताल
सोहना। कस्बा पिछले करीब एक महीने से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण गंदगी का भीषण दंश झेल रहा है। नगर परिषद प्रशासन और सरकार की कथित लापरवाही व मनमानी के चलते स्थानीय लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। सड़कों और बाजारों में लगे कचरे के ढेरों से उठने वाली सड़न के कारण इलाके में बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। एक महीना बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा सफाई व्यवस्था को दुरुस्त न कर पाना अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन ने जो व्यवस्था गंदगी को साफ करने के लिए बनाई गई थी, वह अब खुद गंदगी के ढेर के नीचे दब चुकी है। स्थानीय नागरिकों में सरकार व प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भारी गुस्सा है। सोहना में सफाई कर्मचारी करीब एक माह से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे हैं।
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लोग बोले -हड़ताल से जनजीवन अस्त व्यस्त
हड़ताल से जनजीवन अस्त व्यस्त होकर रह गया है। सरकार को बातचीत के जरिये हल निकालना चाहिए। इससे लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े। -अमित गर्ग, सामाजसेवी

सरकार व प्रशासन को सफाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे गंदगी खत्म हो सके और लोग साफ सुथरा वातावरण में रह सकें। -अनुज गुप्ता, व्यापारी

सरकार व नगरपरिषद प्रशासन सभी शुल्कों को वसूलती है लेकिन सुविधाएं प्रदान करने में पूर्णतः नाकाम साबित हो रही है। इसका समाधान करना चाहिए। -योगेश गर्ग, स्थानीय निवासी

गंदगी से दिनों दिन बीमारियां बढ़ रही हैं। अगर जल्द ही गंदगी को समाप्त नहीं किया गया तो इलाके में महामारी फैल सकती है। -अशोक वर्मा, पूर्व प्रधान, सर्राफा यूनियन
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हड़ताल करना जबरदस्ती मांगे मनवाने का नायाब तरीका बन चुका है। कर्मचारियों की अनुपस्थिति दर्ज करके वेतन नहीं दिया जाना चाहिए। -प्रवीण जैन बॉबी, लोहिया जैन सभा प्रधान

गंदगी के ढेरों पर सोहना। लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर।संवाद

गंदगी के ढेरों पर सोहना। लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर।संवाद

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