अधिक मूल्य के पैकेट पर कम मूल्य का लेबल चिपकाकर अपने पते पर कराता था डिलीवर
पुलिस ने पांच लाख का सामान बरामद कर आरोपी को किया गिरफ्तारअमर उजाला ब्यूरो
गुुुरुग्राम। ई-कामर्स कंपनी मिंत्रा के वेयरहाउस के सुपरवाइजर ने अपनी ही कंपनी को 15.62 लाख रुपये की चपत लगा दी। आरोप है कि सुपरवाइजर अधिक मूल्य वाले पैकेट पर कम मूल्य का लेबल चिपकाकर उसे अपने आवासीय पते पर डिलीवर करा लेता था। बिलासपुर थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी के कब्जे से पांच लाख का सामान भी बरामद हुआ है।
कंपनी के प्रवर्तन अधिकारी रितिन दीप ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि भरतपुर राजस्थान निवासी भूपेंद्र सिंह करीब साढ़े चार साल से इंस्टाकार्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ग्राम पथरेड़ी के वेयरहाउस में सहायक / पर्यवेक्षक के रूप में काम कर रहा था। उसकी वेयरहाउस में स्थापित सभी सिस्टम तक पहुंच थी। आरोपी शियाराम एंटरप्राइजेज सोहना चौक गुरुग्राम के माध्यम से यहां काम कर रहा था। फरवरी-2024 में जोधपुर वेयरहाउस के स्टाफ द्वारा गुरुग्राम स्थित वेयरहाउस के प्रबंधक को सूचित किया गया कि शिपमेंट बैग में लंबे समय से लगातार एक शिपमेंट कम प्राप्त हो रहा है।
इस पर कंपनी द्वारा उपरोक्त वेयरहाउस पर आंतरिक जांच शुरू की गई और सीसीटीवी फुटेज देखी गईं। इस पर आरोपी भूपेंद्र सिंह को धोखाधड़ी एवं संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाया गया। 11 फरवरी को कंपनी की जांच टीम के सदस्यों द्वारा आरोपी भूपेंद्र सिंह से पूछताछ की गई तो उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लंबे समय से धोखाधड़ी की गतिविधि में लिप्त है।
ऐसे चुराता था उच्च मूल्य के पैकेट
आरोपी सीलिंग से पहले शिपमेंट बैग से एक उच्च मूल्य का पैकेट चुरा लेता था। पैकेट को चुराने के बाद वह वेयरहाउस के परिसर में स्थापित लेबलिंग टेबल पर ले जाता था। उच्च मूल्य के पैकेट के मूल लेबल को हटाने के बाद कम मूल्य के पैकेट के लेबल को चिपका देता था। जिसके लिए वह पहले ऑर्डर करके रखता था और लेबल चिपकाने के बाद वेयरहाउस परिसर में छंटाई के बाद पैकेट उसके दिए गए आवासीय पते पर पहुंचाया जाता था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद गलत तरीके से फायदा उठाने के लिए चोरी की सारी खेप खुले बाजार में बेच देता था। कंपनी की जांच में यह पता चला कि आरोपी ने उपरोक्त तरीके से 97 उच्च मूल्य वाले पैकेट चुराए हैं। उन उच्च मूल्य वाले पैकेट के लेबल को कम मूल्य वाले पैकेट से बदलने के बाद सभी का दुरुपयोग किया है। थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने मार्गदर्शन में जांच अधिकारी रूपेश ने आरोपी भूपेंद्र को गिरफ्तार कर पूछताछ की। इसमें आरोपी से करीब पांच लाख के सामान बरामद हुआ। एएसआई रूपेश ने बताया कि आरोपी को सोमवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।