बसई जल शोधन संयंत्र में पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए चंदू बुढ़ेरा संयंत्र से जोड़ा जाएगा, निविदा जारी
पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए जीएमडीए द्वारा 1.3 करोड़ रुपये का बजट किया जाएगा खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में पेयजल उपलब्धता बढ़ाने के लिए जीएमडीए चंदू बुढ़ेरा से बसई जल शोधन संयंत्र तक अलग से पाइप लाइन डलवाने जा रहा है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) शहर में जल आपूर्ति को और बढ़ाने के लिए बसई जल उपचार संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) तक पानी की पहुंच में सुधार करेगा। इसके लिए डब्ल्यूटीपी चंदू बुढे़रा से द्वारका एक्सप्रेसवे तक बिछाई गई एक वैकल्पिक पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति करने और डब्ल्यूटीपी बसई से जोड़ने की निविदा जारी कर दी गई है।
शहर में बसई जल शोधन संयंत्र से पेयजल की सप्लाई होती है। अभी शहर की जरूरत के अनुसार संयंत्र पर पानी की उपलब्धता कम है। ऐसे में जीएमडीए संयंत्र तक पानी की क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है। जीएमडीए के सीईओ ए श्रीनिवास ने बताया कि 1.3 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत प्राधिकरण द्वारका एक्सप्रेसवे पर 200 मीटर और 50 मीटर लंबाई की अतिरिक्त पाइपलाइन बिछाएगा। इन पाइप लाइनों को मौजूदा 1600 मिमी व्यास वाली पाइपलाइन से जोड़ा जाएगा, जो कि गुरुग्राम शहर के इन विकसित हो रहे सेक्टरों में पानी की आपूर्ति बेहतर होगी।
भविष्य की मांग को पूरा करने के लिए डब्ल्यूटीपी चंदू बुढे़रा से द्वारका एक्सप्रेसवे तक पहले से ही बिछाई गई है। कार्य पूरा होने पर डब्ल्यूटीपी चंदू बुढे़रा से डब्ल्यूटीपी बसई तक पानी की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी। कार्य के दायरे में डब्ल्यूटीपी चंदू में पर्याप्त पंपिंग व्यवस्था का प्रावधान भी किया जाएगा। जीएमडीए के मुख्य अभियंता राजेश बंसल ने बताया कि बसई डब्ल्यूटीपी में पानी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए चंदू और बसई डब्ल्यूटीपी को एक दूसरे से जोड़ेगा। आवश्यक पाइपलाइन बुनियादी ढांचे को बिछाने का काम जल्द ही एजेंसी द्वारा शुरू किया जाएगा।
द्वारका एक्सप्रेसवे पर बिछाई जाने वाली विस्तारित पाइपलाइन को डब्ल्यूटीपी बसई में भंडारण टैंकों से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, पानी की पर्याप्त पंपिंग सुनिश्चित करने के लिए पंपिंग मशीनरी भी स्थापित की जाएगी, जिसे शहर में आपूर्ति करने से पहले संयंत्र में फिल्टर किया जाएगा। यह अस्थायी व्यवस्था सिंचाई विभाग द्वारा शुरू की गई जीडब्ल्यूएस चैनल अपग्रेडेशन परियोजना पूरी होने तक निवासियों को राहत प्रदान करेगी। वर्तमान में, डब्ल्यूटीपी बसई से गुरुग्राम में 270 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है। एजेंसी द्वारा जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा और पूरा करने का समय चार माह है।
सोनीपत से गुरुग्राम तक नहर की क्षमता बढ़ेगी
अभी सिंचाई विभाग द्वारा जीडब्ल्यूएस नहर (चैनल) से डब्ल्यूटीपी बसई को पानी की आपूर्ति की जाती है। चैनल की खराब हालत के कारण, नहर में केवल 100 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है, जिसकी वास्तविक क्षमता 175 क्यूसेक है। अक्सर, पानी की पर्याप्त आपूर्ति की कमी के कारण डब्ल्यूटीपी बसई में समस्या हो जाती है, खासकर गर्मी के मौसम में। इस समस्या को सुधारने और भविष्य में जल आपूर्ति की मांग में वृद्धि पर ध्यान देने के लिए सिंचाई विभाग लगभग 1500 करोड़ रुपये की लागत से काकरोई हेडवर्क्स सोनीपत से गुरुग्राम तक चैनल का पुनर्निर्माण कर रहा है। इससे अगले दो से तीन वर्षों में गुरुग्राम तक लगभग 220 क्यूसेक पानी ले जाने की क्षमता बढ़ जाएगी।