-लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से की जांच कराकर कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। नगर पालिका द्वारा संचालित सुलभ शौचालयों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। शौचालयों की देखरेख के लिए जारी टेंडर कथित रूप से कमाई का जरिया बनता नजर आ रहा है। लोगों ने पालिका प्रशासन से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
नगर पालिका ने शहर के सुलभ शौचालयों की बेहतर सफाई और सुविधाओं के लिए करीब एक लाख 20 हजार रुपये प्रतिमाह का ठेका जारी किया है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। कई स्थानों पर शौचालयों की स्थिति बदहाल है और मूलभूत सुविधाओं का अभाव साफ नजर आता है। सूत्रों का कहना है कि यह ठेका एक फर्म के माध्यम से लिया गया है, लेकिन संचालन नगर पालिका से जुड़े लोगों द्वारा ही किया जा रहा है। वहीं, मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने मीडिया के सामने बताया कि उन्हें एक पार्षद द्वारा मात्र 10 हजार रुपये प्रतिमाह पर काम पर रखा हुआ है।
इस मामले में रमेश आर्य, पूर्व मंडल अध्यक्ष एवं स्वच्छ भारत मिशन के जिला संयोजक ने आरोप लगाया कि नगर पालिका सफाई व्यवस्था के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग कर रही है। उनका कहना है कि अधिकांश शौचालयों की हालत बेहद खराब है, जिससे आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। मामले ने अब तूल पकड़ लिया है और स्थानीय लोगों ने जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई है।
बोले लोग :
नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष जय सिंह सैनी, पूर्व प्रधान अशोक गुर्जर, निशा सैनी भाजपा नेत्री का कहना है शौचालय में सफाई व्यवस्था के नाम पर केवल खाना पूर्ति की जा रही हैं। जबकि शहर की शहर के बीचो-बीच लालकुआं चौक पर सुलभ शौचालय पर किसी भी प्रकार की कोई सुविधा नहीं है। जिससे सरकार केे लाखों रुपए का प्रति माह चूना लगाया जा रहा है। जब इस संदर्भ में नगर पालिका के कनिष्ठ अभियंता संजय कुमार से बातचीत करने का प्रयास किया गया तो लगातार घंटी जाने के बाद भी उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा, बाद में मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया।