छात्रों ने लगाया मनमानी वसूली का आरोप, कानूनी कार्रवाई की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। केआर मंगलम यूनिवर्सिटी में बढ़ते जुर्माने को लेकर छात्रों ने विरोध में प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि अनुशासन के नाम पर मामूली गलतियों पर भी भारी-भरकम फाइन लगाया जा रहा है, जोकि जेब पर असर डालता है।
इस मुद्दे को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है और कानूनी सहायता लेने की बात कही है। प्रदर्शन के दौरान करीब 300 छात्र गेट तोड़कर विश्वविद्यालय के भीतर दाखिल हुए और हंगामा किया। साथ ही एक काउंटर का शीशा तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। इस दौरान पूर्व डूसू अध्यक्ष रौनक खत्री और भूमित राठी को थाने ले जाया गया और बिना अनुमति के इस तरीके की गतिविधि ना करने की हिदायत दी गई। छात्रों का आरोप है कि पिछले चार महीनों में विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से करीब दो करोड़ रुपये वसूले हैं। इस संस्थान में लगभग 10 हजार छात्र पढ़ते हैं। इन पर जबरन जुर्माना लगा कर उनके परिवार वालों पर आर्थिक दबाव डाला जा रहा है। इस विरोध को दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष रौनक खत्री ने समर्थन दिया। उन्होंने छात्रों से बातचीत करते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल पैसों की नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकारों की हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षण संस्थानों को वसूली का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रबंधन से नाराज छात्रों ने अब न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है। छात्र समिति का कहना है कि वे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस पूरे मामले की जांच और वसूली की गई राशि के ऑडिट की मांग करेंगे। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि ट्यूशन फीस के अलावा इस तरह के अतिरिक्त शुल्क उनके परिवारों पर अनावश्यक बोझ डालते हैं। इस पूरे मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन किसी भी तरीके के कोई भी बयान देने से बच रहा है। वहीं छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक जुर्माने की व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।