सहाहक, माली या स्टाफ की गलती पर मकान मालिक होंगे जिम्मेदार
बड़े संस्थानों पर पहली बार 25 हजार और दूसरी बार 50 हजार का जुर्माना लगेगा
सामान्य नागरिकों के लिए 5 हजार से 10 हजार रुपये तक का जुर्माना निर्धारित
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। वार्ड-21 में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-कचरा और मलबा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सड़कों, खाली प्लॉटों, सार्वजनिक स्थलों, सरकारी भूमि, नालों और अन्य खुले क्षेत्रों में कचरा डालने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
एमसीजी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार वार्ड-21 में स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कई स्थानों से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि लोग घरों का कचरा, बचा हुआ भोजन और निर्माण कार्यों से निकलने वाला मलबा खाली प्लॉटों और सड़कों के किनारे फेंक रहे हैं।
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी घर का स्टाफ, नौकर, माली या अन्य कर्मचारी सार्वजनिक स्थानों पर कचरा या भोजन फेंकता हुआ पाया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी सीधे मकान मालिक की मानी जाएगी। ऐसे मामलों में मकान मालिक के खिलाफ चालान काटने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
निगम के अनुसार बल्क वेस्ट जनरेटर और बड़े संस्थानों पर पहली बार उल्लंघन करने पर 25 हजार रुपये और दूसरी बार 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं सामान्य नागरिकों के लिए 5 हजार से 10 हजार रुपये तक का जुर्माना निर्धारित है।
एमसीजी ने वार्ड-21 के निवासियों से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सेवा का उपयोग करने, गीले और सूखे कचरे को अलग रखने और निर्माण मलबे का उचित निस्तारण करने की अपील की है ताकि क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके।