संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। नूंह शहर में मुख्य सड़कों पर स्ट्रीट लाइटों की रोशनी का अभाव है। खानापूर्ति के लिए यहां लाइटें तो लगाई हुई हैं, लेकिन वो वर्षों से बिना जले यहां शोपीस बनी हुई हैं। इस कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है। सबसे बुरा हाल दिल्ली-अलवर नेशनल हाईवे तथा मेडिकल कॉलेज रोड के अलावा शहर की मुख्य गलियों का है। यहां अंधेरा होने के कारण कई बार लूटपाट सहित हादसे हो चुके हैं। बारिश के मौसम में यह समस्या और भी विकराल बन रही है, लेकिन इसके बाद भी जिला प्रशासन इस बात को लेकर गंभीर नहीं है। मेडिकल कॉलेज भी इस समस्या को लेकर आंखें मूंदे हुए हैं।
बता दें कि नूंह-अलवर रोड पर लाखों की लागत से कई-कई किलोमीटर लंबी स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं। ये लाइटें प्रशासन की अनदेखी के चलते वर्षों से नहीं जल रहीं हैं। रोड पर रात में भी आना जाना लगा रहता है। शाम होते ही सड़क पर अंधेरा पसर जाता है। इस कारण यहां कई बार लूटपाट जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बाद भी प्रशासन नहीं चेत रहा है। दिल्ली-अलवर रोड पर लगी लाइटें भी बंद रहती हैं। जिला मुख्यालय में घुसने के बाद भी शहर आने का आभास नहीं होता।
सोनू, ताहिर एडवोकेट, खलील अहमद, मनोज कुमार, दक्ष, जुबेर खान, कुलवंत बघेल का कहना है कि लाइटों के मामले में प्रशासन का ध्यान नहीं है,जिला मुख्यालय के मुख्य रोड पर भी लाइटें नहीं चलती। लाइट लाजमी होनी चाहिए। बारिश में जगह-जगह जल भराव है जिसके कारण चलना और भी दो बार हो रहा है इस तरफ नप प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है शहर के लोगों की मांग है बारिश के मौसम में हर गली में लाइटों की अवस्था होनी चाहिए।
इस बारे में नप चेयरमैन संजय का कहना है कि नूंह शहर में कुछ लाइटें ठीक कराई गई है। कुछ अभी बदली जाएंगी, इनको भी जल्द कराया जाएगा।