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Gurugram News: मालिबु टाउन क्षेत्र में लावारिस कुत्तों का आतंक, महिला को काटा

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- एक महीने में 20 से ज्यादा घटनाएं सामने आईं
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- बच्चे और बुजुर्गों को रास्ते से गुजरने में भी दहशत

अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। मालिबु टाउन में कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। शुक्रवार को यहां पर लावारिस कुत्तों ने एक महिला पर हमला बोल दिया जिससे उसका पैर बुरी तरह जख्मी हो गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले एक महीने में यहां पर कुत्तों के हमला करके जख्मी करने की 20 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। कुत्तों के आतंक को देखते हुए यहां पर बुजुर्गों और बच्चों को रास्ते से गुजरने में भी दहशत होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वह इस संबंध में लगातार नगर निगम और जिला प्रशासन से भी शिकायत की गई है लेकिन कोई राहत नहीं मिली है। शुक्रवार की घटना के बाद पीड़ित महिला मीना का अस्पताल में उपचार कराया गया। दूसरी ओर नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक शहर में इस समय करीब 17 हजार लावारिस कुत्ते हैं, जिन पर नियंत्रण पाना चुनौती बना हुआ है। गंभीर स्थिति को देखते हुए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विनोद एस भारद्वाज ने नगर निगम आयुक्त को 28 अगस्त को सुनवाई की अगली तारीख पर उपस्थित होने और शहर में लावारिस कुत्तों के खतरे को कम करने में हुई विफलता का कारण बताने का निर्देश दिया है।
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नगर निगम ने उच्च न्यायालय में एक शपथ पत्र दिया है। इसके अनुसार, शहर में 17,000 से अधिक लावारिस कुत्ते हैं। नगर निगम ने पिछले तीन वर्षों में 17,195 कुत्तों का टीकाकरण किया था। इस वर्ष 15 फरवरी से शपथपत्र दाखिल करने के दिन तक 2,908 कुत्तों का टीकाकरण किया।


खतरनाक कुत्तों को पालने पर लगाया था प्रतिबंध
पिछले वर्ष 15 नवंबर को जिला उपभोक्ता फोरम ने नगर निगम से एक लावारिस कुत्ते के काटने के पीड़ित को दो लाख रुपये का मुआवजा देने आदेश दिया था। फोरम ने कुछ कुत्तों की नस्लों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश भी जारी किया था। इनमें अमेरिकन पिट-बुल, टेरियर, डोगो अर्जेंटीनो और रॉटवीलर जैसी नस्ल के कुत्ते शामिल थे। इस आदेश को दो कार्यकर्ता शिवानी दस महापात्र और समीर वर्मा ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी
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बयान



बसई सेंटर में लावारिस कुत्तों का टीकाकरण और नसबंदी का काम किया जाता है। इससे उनकी संख्या नियंत्रित होती है। कहीं पर अगर डॉग बाइट या कुत्तों के हिंसक होने की घटना हो रही है तो हमें सूचित करें। हम टीम भेजेंगे। - डॉ. अशीष सिंगला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नगर निगम

दीपक शर्मा
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