-पीएमएलए की विशेष अदालत ने दिया आदेश
-तीनों आरोपियों को 25 नवंबर तक अदालत में होना होगा पेश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। एसआरएस ग्रुप के प्रमोर्टस और निदेशक जितेंद्र कुमार गर्ग, सुनील जिंदल एवं प्रवीण कुमार कपूर के खिलाफ भगोड़ा घोषित करने और उनकी संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। गुरुग्राम की विशेष अदालत (पीएमएलए) ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम 2018 (एफइओए) के तहत तीनों आरोपियों नोटिस जारी करते हुए छह हफ्ते का समय दिया है। अगर इस दौरान वह अदालत में पेश नहीं हुए तो उनको भगोड़ा घोषित करने के साथ ही उनकी संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। यह आदेश स्पेशल कोर्ट वाणी गोपाल शर्मा की अदालत ने ईडी की याचिका पर दिया है।
एसआरएस ग्रुप रियल एस्टेट और फाइनेंस के कारोबार में सक्रिय था। ग्रुप के प्रवर्तकों पर आरोप है कि इन्होंने फ्लैट खरीदारों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों से धोखाधड़ी कर संपत्ति का दुरुपयोग, आपराधिक साजिश और गबन किया। इन्होंने 15 हजार करोड़ से ज्यादा का विभिन्न बैंकों से लोन लिया था। आरोपियों के खिलाफ हरियाणा पुलिस, ईओडब्ल्यू दिल्ली और सीबीआई की ओर से केस दर्ज करीब एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। अभी तक दो हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं।
ईडी की तरफ से अदालत में बताया गया है है कि एआरएस के निदेशक रहे आरोपी सुनील 23 जून 2018 को बेंगलुरु से दुबई गए । इसके बाद से ही उसका कोई पता नहीं चल सका है। रिपोर्ट के अनुसार प्रमोटर आरोपी प्रवीण कुमार ने 12 सितंबर 2023 को नया पासपोर्ट तक बनवा लिया है। 30 मई 2025 को आरोपियों के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी हो चुका है। आरोपियों पर आरोप है उन्होंने निवेशकों के करोड़ों रुपये का गबन किया है।