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Gurugram News: दिन भर छाया रहा स्मॉग, 462 रहा एक्यूआई

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सोमवार को समीक्षा बैठक के बाद स्कूल बंद करने का लिया जा सकता है निर्णय
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शनिवार को शहर अब तक के अधिकतम प्रदूषण स्तर के घेरे में रहा। दिन भर आसमान में स्मॉग छाया रहा। एक्यूआई इंडेक्स में सबसे ज्यादा प्रदूषण गुरुग्राम यूनिवर्सिटी वाले इलाके में सेक्टर 51 के पास रहा। यहां एयर क्वालिटी मॉनिटर इंडेक्स से पीएम 2.5 का स्तर 462 रहा। इससे पूर्व प्रशासन ने शुक्रवार की बैठक में हाईवे, अस्पताल आदि जरूरी निर्माण के अलावा सभी निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। अब स्कूलों की बारी है। अधिकारियों का कहना है कि इसी प्रकार के हालात रहे तो स्कूलों में छुट्टी को लेकर सोमवार को समीक्षा बैठक के बाद ठोस निर्णय लिया जा सकता है। इसके साथ ही प्रदूषण को रोकने के लिए बी-3 पेट्रोल आधारित वाहन और बी-4 डीजल आधारित वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई जा सकती है।
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने शुक्रवार शाम ग्रैप के तीसरे चरण के नियमों को लेकर एक विशेष बैठक बुलाई थी। उन्होंने प्रदूषण को रोकने के उपायों की सख्ती के निर्देश दिए थे। नगर निगम की पर्यावरण एवं स्थिरता विंग के नोडल अधिकारी संयुक्त आयुक्त डाॅ. नरेश कुमार ने बताया कि ग्रैप के तीसरे चरण में कुछ प्रोजेक्ट को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की निर्माण एवं तोड़फाेड़ गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। इनमें रेलवे सेवाओं, मेट्रो सेवाओं, एयरपोर्ट, इंटर स्टेट बस टर्मिनल, राष्ट्रीय सुरक्षा, डिफेंस, अस्पताल, हाईवे, रोड, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, पावर ट्रांसमिशन, पाईपलाईन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर सप्लाई आदि से संबंधित कार्य शामिल हैं।
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जिन प्रोजेक्ट को छूट मिली है, उन्हें भी पर्यावरणीय नियमों जैसे मलबा प्रबंधन नीति , धूल पर नियंत्रण के नियमों का पालन गंभीरता से सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, कचरा और मलबा डंपिंग, कचरे में आग लगाना सहित अन्य ऐसी गतिविधियां जिनसे प्रदूषण स्तर में बढोतरी होती है, पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। अगर कोई व्यक्ति इस प्रकार की गतिविधियां करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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ग्रैप के तहत अब तक 114 चालान
संयुक्त आयुक्त ने बताया कि नगर निगम द्वारा प्रदूषण को कम करने के लिए मैकेनाइज्ड स्वीपिंग करवाई जा रही है। इसके साथ ही सड़कों पर धूल को उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है। ग्रैप नियमों की पालना सुनिश्चित करवाने के लिए निगम की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में निगरानी बनाए हुए हैं। उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के चालान किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ग्रैप के तहत अब तक 114 चालान करते हुए 5 लाख 92 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें नियमों की पालना नहीं करने वाली 48 निर्माण साइटों पर 31 हजार रुपये, सीएंडडी वेस्ट डंपिंग डालने वाले 12 व्यक्तियों पर एक लाख 35 हजार रुपये, कचरा जलाने वाले चार व्यक्तियों पर 20 हजार रुपये, कचरा फेंकने वाले 33 व्यक्तियों पर 22 हजार 500 रुपये, ठोस कचरा प्रबंधन नियमों की पालना नहीं करने वाले 17 व्यक्तियों पर 1 लाख 5 हजार रुपये के चालान शामिल हैं। उन्होंने शहर के नागरिकों से आह्वान किया कि वे ग्रैप नियमों की पालना करें और प्रदूषण बढ़ाने वाली कोई भी गतिविधि नहीं करें। अगर कोई दूसरा ऐसा करता है, तो उसे रोकें और उसके बारे में टोल फ्री नंबर 1800-180-1817 पर सूचना दें।
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गुरुग्राम में शनिवार की दोपहर एयर क्वालिटी इंडेक्स में पीएम 2.5 प्रदूषण
विकास सदन - 314
सेक्टर 51 - 462
ग्वालपहाड़ी - 441
सेक्टर 2 आईएमटी मानेसर - 387
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