प्रदेश सरकार का करीबी होने के कारण नहीं शुरू हुई जांच
पीएफए की तरफ से 15 अक्तूबर को भेजी गई थी एल्विश के खिलाफ शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पीपल फॉर एनीमल संस्था की ओर से एल्विश यादव की करतूत का हवाला देकर कमिश्नरेट की पुलिस को 25 दिन पहले ही ईमेल पर शिकायत दी गई थी। जिस पर कमिश्नरेट की पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि इसी दौरान एल्विश यादव के व्हाट्सएप पर मांगी गई रंगदारी की सूचना पर आरोपी को 15 घंटे के भीतर गुजरात से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
सूत्रों की माने तो एल्विश के लिए प्रदेश सरकार से जुड़े लोगों ने गुजरात के पुलिस अधिकारियों से बात कर आरोपी को वहां पर राउंडअप किया था। जब कमिश्नरेट की पुलिस वहां पर पहुंची तो उन्होंने आरोपी को सौंप दिया था।
एल्विश यादव मामले में एक नया खुलासा हुआ है कि मेनका गांधी की संस्था पीएफए की तरफ से एल्विश यादव के सांप के साथ फिल्माए गए वीडियो काे लेकर 15 अक्टूबर में पुलिस आयुक्त को एक शिकायत भेजी गई थी। यह शिकायत उन्हें ई-मेल के माध्यम से भेजी गई। इसमें कहा गया था कि एल्विश का जो वीडियो गले में सांप लेकर शूट हुआ है वह गुरुग्राम में फिल्माया गया है। इसके बावजूद गुरुग्राम पुलिस ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की, हद तो यह कि गुरुग्राम पुलिस की ईमेल पर मिली शिकायत का अब तक कोई जवाब नही दिया गया।
यह एल्विश के रसूख को दिखाता है कि तत्कालीन केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की संस्था की शिकायत के बावजूद पुलिस ने काेई एक्शन नहीं लिया। अगर गुरुग्राम पुलिस एल्विश की सापों के साथ वीडियों की जांच समय पर कर लेती तो मामले की तह तक पहले ही पहुंचा जा सकता था। पीएफए के ओर से शिकायत करने वाले पदाधिकारी सौरभ गुप्ता का कहना है कि कमिश्नरेट की पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई संज्ञान नहीं लिया है।