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Gurugram News: न्यू गुरुग्राम के 32 जंक्शनों पर लगे स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल

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ऑप्टिकल फाइबर केबल नहीं होने से इन लाइटों को जीएमडीए के कमांड सेंटर से जोड़ा नहीं जा सका
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अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। न्यू गुरुग्राम के 32 जंक्शनों पर आधुनिक तकनीक से लैस स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लगाने का काम पूरा हो गया है। इससे यातायात पुलिस को राहत मिली है। हालांकि न्यू गुरुग्राम में ऑप्टिकल फाइबर केबल नहीं होने से इन लाइटों को जीएमडीए के कमांड सेंटर से जोड़ा नहीं जा सका है।
इन ट्रैफिक लाइटों पर वाहन डिटेक्टर कैमरे लगे हैं, जिससे चौराहों पर वाहनों के दबाव के अनुसार यातायात को नियंत्रित किया जा सकता है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) शहर में यातायात व्यवस्था को सुधारने को लेकर काम कर रहा है। सेक्टर 58-115 में ट्रैफिक प्रबंधन के साथ पैदल यात्रियों की आवाजाही में सुधार के लिए 32 जंक्शनों को स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल से लैस करने का काम पूरा हो गया है। जीएमडीए ने खेड़की माजरा से सेक्टर 102ए/103 चौक, बजघेड़ा अंडरपास, सेक्टर 110/110ए व 112/113 चौक, सेक्टर 45/52 टी-पॉइंट, विकास मार्ग, सेक्टर 93/94/89 टी-पॉइंट, रामपुरा से पटौदी रोड, सेक्टर 86/85 व 90/89 दादी सती चौक, सेक्टर 81/82 व 85/86 जय सिंह चौक, सेक्टर 90/91 व 92/93 चौक समेत अन्य शामिल हैं। ट्रैफिक लाइट लगने से अब न्यू गुरुग्राम में यातायात में सुधार हुआ है। अब लोग चौक पर ट्रैफिक लाइट के अनुसार चल रहे हैं।
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जीएमडीए के अनुसार जंक्शनों स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नलों को लगवाया जा चुका है। सभी ट्रैफिक लाइटों पर कैमरे लगे हैं। जिन्हें अब जीएमडीए के कमांड सेंटर से इंटीग्रेट किया जाएगा। हालांकि न्यू गुरुग्राम में अभी ऑप्टिकल फाइबर केबल नहीं है। ऐसे में इन स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल को जीएमडीए के कमांड सेंटर से जोड़ा नहीं जा सका है। जीएमडीए शहर में 2700 सीसीटीवी कैमरे लगवा रहा है। ऐसे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जोड़ने के लिए लगभग 300 किलोमीटर भूमिगत ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की भी योजना है। इसी लाइन से स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल को भी जोड़ा जाना है। ऐसे में अभी ट्रैफिक सिग्नल मैनुअल तरीके से काम करेंगे। जब ऑप्टिकल फाइबर केबल से ट्रैफिक सिग्नलों को जोड़ा दिया जाएगा तो उन्हें आईसीसीसी से संचालित किया जा सकेगा। जीएमडीए की प्रवक्ता नेहा शर्मा ने बताया कि दूसरे चरण के सभी स्मार्ट ट्रैफिक लग चुके हैंं। उन्होंने बताया कि उन्हें कमांड सेंटर से जोड़ा जाना है।
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बता दें कि पुराने शहर में कैमरों की मदद से यातायात को नियंत्रित किया जा रहा है। स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल में एडाप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (एटीसीएस) से लैस है। ट्रैफिक लाइट पर वाहन डिटेक्टर कैमरे होने से स्मार्ट सिग्नल को चौराहों पर वाहनों के प्रवाह को मापने में सक्षम है। ट्रैफिक सिग्नल का समय स्वचालित रूप से समायोजित करता और अपने आप ही ग्रीन लाइट की अवधि बढ़ा सकता है। आपातकालीन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने की सुविधा कुछ सड़कों पर भी दी जा रही है। पहले चरण में सेक्टर 1-58 में 111 जंक्शनों पर मौजूदा अपग्रेड किया गया है।
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