- एनएचएआई ने तैयार की योजना, 30 किमी दायरे में 100 से अधिक लगेंगे कैमरे
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए राहत की खबर है। एनएचएआई की ओर से द्वारका एक्सप्रेसवे की तर्ज पर फरीदाबाद से गुजर रहे निर्माणाधीन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर स्मार्ट ट्रैफिक मॉनिटरिंग व्यवस्था का उपयोग किया जाएगा। एक्सप्रेस वे पर लगभग 30 किलो मीटर दायरे में 100 से अधिक हाई स्पीड सेंसर कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरे वाहनों की अधिक स्पीड को रिकार्ड कर लेंगे, इससे वाहनों का त्वरित चालान हो सकेगा। कैमरे लगने से सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में सहायता मिलेगी।
फरीदाबाद से गुजर रहे बाईपास रोड को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के लिंक रोड के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए सभी मुख्य चौराहों पर अंडरपास व फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं। वहीं, रोड को चौड़ा कर 12 लेन किया जा रहा है। रोड को चौड़ा करने के लिए एनएचएआई ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से 70 मीटर चौड़ी जमीन मांगी हुई है। अधिकतर जगहों पर जमीन एनएचएआई को मिल गई है। वहां पर रोड को चौड़ा कर सर्विस रोड बना दी गई है।
इसके अलावा सेक्टर-62 स्थित साहूपुर गांव से पलवल के मिडकौला गांव तक बने केएमपी तक एक्सप्रेसवे को जोड़कर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है। बचे हुए हिस्से का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए एनएचएआई ने सुरक्षा की दृष्टि से स्मार्ट ट्रैफिक मॉनिटरिंग कैमरे लगाने की योजना तैयार की है। इसके तहत 30 किमी दायरे में करीब 100 अत्याधुनिक तकनीक से लैस कैमरे लगाए जाएंगे। यह कैमरे ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों की नंबर प्लेट की पहचान करेंगे। इस कदम से ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई आसानी से होगी। इसके लिए अलग कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। जहां वाहन चालकों पर नजर रखी जाएगी। इस कार्य में पुलिस की भी सहायता ली जाएगी।
छह माह में अब तक 10 से अधिक हादसे
मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेस वे अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हुआ है। शहर के 30 किलोमीटर हिस्से में से साहूपुरा से लेकर (कुंडली-मानेसर-पलवल) केएमपी तक लगभग 15 किलोमीटर रोड शुरू हो चुकी है। इस रोड के छोटे से हिस्से में अब तक 10 से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें 5 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। अभी हाल ही में एक बाइक पर सवार तीन युवकों की डंपर से टकराने से मौत हो गई थीं।
70 फीसदी तक हो चुका है एक्सप्रेसवे का काम
एक्सप्रेसवे का 70 प्रतिशत काम हो चुका है। कैली से मिंडकौला के बीच एक्सप्रेस वे काम का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। फरीदाबाद की सीमा में बाईपास सड़क पर जगह9जगह व्हीकल अंडरपास और फ्लाईओवर बनाने का काम किया जा रहा है। व्हीकल अंडरपास के साथ-साथ सर्विस सड़क बनाने का भी काम चल रहा है।
एक्सप्रेसवे पर आठ एंट्री और एग्जिट प्वाइंट
राष्ट्रीय राजमार्ग की तरह फरीदाबाद क्षेत्र में चढ़ने-उतरने के लिए आठ एंट्री और एग्जिट पॉइंट बनाए जाएंगे। यह सेक्टर-30 एत्मादपुर, सेक्टर-28, बसेलवा कॉलोनी में खेड़ी पुल, सेक्टर-18-17 के पीछे बन रहे फ्लाईओवर और बीपीटीपी पुल के पास बन रही एलिवेटेड सड़क, सेक्टर-दो के पीछे तिगांव पुल के पास बन रहे फ्लाईओवर, सेक्टर दो आईएमटी पुल के पास बन रहे फ्लाईओवर और सेक्टर 62 के पास एंट्री और एग्जिट पॉइंट बनाए जाएंगे। इनका निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इन्हीं के पास एक्सप्रेसवे पर आने व जाने की सुविधा रहेगी।
सेक्टर-12 में फ्लाईओवर का निर्माण तेज
एनएचआई की ओर से सेक्टर-12 से सेक्टर-17 तक सड़क के दोनों तरफ पूरी जमीन मिलने से फ्लाईओवर बनाने का काम तेजी से चल रहा है। बीपीटीपी चौक पर जल्द पिलर के ऊपर गर्डर रखकर कार्य को अंतिम रूप दिया जाएगा।
वर्जन
द्वारका एक्सप्रेसवे की तर्ज पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के लिहाज से विश्व स्तरीय इंतजाम किए जाएंगे। यातायात व्यवस्था के बेहतर संचालक के लिए स्मार्ट ट्रैफिक मॉनिटरिंग कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही अन्य सुविधाएं विकसित की जाएगी।
- एसके बंसल, डीजीएम, एनएचएआई