एंबुलेंस या हादसे के दौरान वाहन बिना ट्रैफिक लाइट में फंसे सीधे निकाले जा सकेंगे
जीएमडीए ने सेक्टर-1-57 में 109 चौराहों पर लगाए स्मार्ट सिग्नल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल परियोजना में सेक्टर 1–57 तक कुल 109 चौराहों पर स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल स्थापित किए हैं। ये सभी ट्रैफिक सिग्नल अब शुरू हो चुके हैं और उनकी लाइव फीड जीएमडीए के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जुड़ी हुई है। इनके जरिये आपातकालीन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया जा सकेगा, जिससे किसी भी एंबुलेंस या हादसे के दौरान वाहन बिना ट्रैफिक लाइट में फंसे सीधे निकाले जा सकें।
स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल एडाप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (एटीसीएस) और व्हीकल डिटेक्टर कैमरों से लैस है, जो वास्तविक समय में ट्रैफिक की स्थिति के अनुसार सिग्नल टाइमिंग को नियंत्रित करते हैं। इस तकनीक से वाहनों की आवाजाही सुचारू, जाम की स्थिति को कम और आपातकालीन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाए जा सकते हैं। व्यस्त चौराहों पर पैदल यात्रियों के लिए भी सिग्नल लाइट्स स्थापित की जा रही हैं।
रियल टाइम में निगरानी करेगी ट्रैफिक पुलिस
ट्रैफिक टावर के जरिये ट्रैफिक पुलिस रियल-टाइम सिग्नल संचालन की निगरानी और प्रबंधन कर सकती है। सिग्नलों के सुचारू संचालन के लिए ट्रैफिक टावर में संविदा एजेंसी का एक अभियंता भी तैनात किया गया है, जो ट्रैफिक पुलिस के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखेगा।
न्यू गुरुग्राम में यहां लगाएं सिग्नल
न्यू गुरुग्राम में जिन प्रमुख स्थानों पर स्मार्ट सिग्नल लगाए गए हैं, उनमें सेक्टर-102ए /103 डिवाइडिंग रोड (खेड़की माजरा साइड), सेक्टर-110/ 110ए व 112/ 113 चौक, बजघेरा अंडरपास, सेक्टर-45/ 52 टी-पॉइंट, विकास मार्ग, सेक्टर-101/102 व 102ए/104 चौक (द्वारका एक्सप्रेसवे साइड), सेक्टर 93/94/89 टी-पॉइंट, रामपुरा–पटौदी रोड, सेक्टर-86/85 व 90/89 दादी सती चौक, सेक्टर 81/82 व 85/86 जय सिंह चौक और सेक्टर 90/91 व 92/93 चौक शामिल हैं।
16.82 करोड़ की लागत से बना फेज-1
जीएमडीए के मोबिलिटी डिवीजन के मुख्य महाप्रबंधक कर्नल आरडी सिंघल ने कहा कि एडाप्टिव तकनीक के उपयोग से ये स्मार्ट सिग्नल ट्रैफिक दबाव को काफी हद तक कम करेंगे। सभी जंक्शन पर प्रतीक्षा समय घटेगा और वाहन चालकों के लिए सफर और सुविधाजनक बनेगा। फेज-1 को 16.82 करोड़ की लागत से पूरा किया गया है, जबकि फेज-2 पर 7.43 करोड़ की लागत से कार्य किया जा रहा है। स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल नेटवर्क का उद्देश्य ट्रैफिक जाम को कम करना, यात्रियों की सुविधा बढ़ाना और सड़क सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाना है।