जीएमडीए ने हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी को भेजा प्रस्ताव
नंबर गेम - 50 करोड़ रुपये किए जाएंगे खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में बढ़ती पेयजल मांग को पूरा करने के लिए चंदू-बुढ़ेरा स्थित जल शोधन परिसर में छठा जल शोधन संयंत्र बनाने की तैयारी है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने 100 एमएलडी क्षमता के इस संयंत्र के निर्माण से जुड़ी तैयारियां पूरी कर ली हैं। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले संयंत्र के प्रस्ताव को अब मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
जीएमडीए की ओर से चंदू-बुढ़ेरा जल शोधन परिसर में 100 एमएलडी क्षमता का पांचवां संयंत्र शुरू किया जा चुका है। इसका ट्रायल भी लगभग पूरा हो गया है। फिलहाल परिसर में 100-100 एमएलडी क्षमता के चार जल शोधन संयंत्र संचालित हैं, जिनसे प्रतिदिन 400 एमएलडी पानी का शोधन किया जा रहा है। पांचवें संयंत्र के पूरी तरह चालू होने के बाद परिसर की कुल जल शोधन क्षमता बढ़कर 500 एमएलडी हो जाएगी।
चंदू प्लांट से शोधित पानी की आपूर्ति सेक्टर-72 बूस्टिंग स्टेशन के माध्यम से 23 सेक्टरों और घ्वाल पहाड़ी क्षेत्र में करने की तैयारी है। इसके अलावा मानेसर नगर निगम ने भी जीएमडीए से करीब 20 एमएलडी पानी की मांग की है। भविष्य में बढ़ने वाली पेयजल मांग को देखते हुए जीएमडीए ने अब छठे संयंत्र की योजना तैयार की है।
इस योजना को लेकर जीएमडीए की ओर से कुछ माह पहले टेंडर जारी किया गया था। इससे संबंधित औपचारिकताएं भी पूरी की जा चुकी हैं। अब प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
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चंदू-बुढ़ेरा में 100 एमएलडी क्षमता के छठे जल शोधन संयंत्र के निर्माण की योजना है। शहर की भविष्य की पेयजल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल उत्पादन क्षमता को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जा रहा है। -सुधीर रंसीवाल, एसई, जीएमडीए
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मास्टर प्लान 2031 के अनुसार चल रहा काम
मास्टर प्लान-2031 को ध्यान में रखकर गुुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण शहर में पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराने पर काम कर रहा है। इस परियोजना में द्वारका एक्सप्रेसवे, पालम विहार और डीएलएफ फेज-3 समेत 34 सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति के लिए मास्टर पेयजल लाइन डाली जा रही है। वहीं, न्यू गुरुग्राम के सेक्टर-58 से 115 तक में कई आवासीय परियोजनाएं आ रही हैं। ऐसे में पेयजल की मांग नए सेक्टरों में आने वाले समय में बढ़ने संभावना है।
बसई में नए संयंत्र पर जल्द शुरू होगा काम
बसई नहरी पानी शोधन संयंत्र में चौथे 100 एमएलडी प्लांट के निर्माण जल्द शुरू होगा। जीएमडीए इस परियोजना के तहत 100 एमएलडी का नया जल शोधन संयंत्र, स्टोरेज टैंक और अन्य संबंधित कार्य कराएगा। स्काडा आधारित इस परियोजना पर करीब 188 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वर्तमान में बसई संयंत्र में 90-90 एमएलडी की तीन यूनिट कार्यरत हैं, जिनकी कुल क्षमता 270 एमएलडी है। नई 100 एमएलडी यूनिट जुड़ने के बाद कुल क्षमता बढ़कर 370 एमएलडी हो जाएगी।