- जमानत अर्जी पर सुनवाई अब तीन अक्तूबर को होगी
- कोर्ट ने जेल से भी मांगी आरोपी की चिकित्सीय रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अफोर्डेबल हाउसिंग सोसाइटी विकसित करने में निवेशकों के पैसों का निजी इस्तेमाल व मनी लॉन्ड्रिंग के मुख्य आरोपी सिकंदर छोक्कर की जमानत अर्जी पर शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। छोक्कर ने अपनी बीमारी का हवाला देते हुए अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई है। अभियोजन पक्ष के समय मांगने पर कोर्ट ने इस अर्जी पर सुनवाई के लिए अब तीन अक्तूबर की तारीख नियत की है।
शुक्रवार को सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष न्यायाधीश सुभाष मेहला की अदालत सिकंदर छोक्कर की ओर से उनके अधिवक्ता प्रशांत यादव ने कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की। इस पर ईडी की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि आरोपी ने अपनी चिकित्सीय स्थिति के आधार पर जमानत की याचिका दायर की है। इन तथ्यों की पुष्टि के लिए उन्हें समय चाहिए, जिससे वह अदालत को सहायता प्रदान करने के लिए एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकें।
अदालत ने सुनवाई के बाद मामले को तीन अक्टूबर 2024 तक के लिए स्थगित कर दिया है। इसके साथ ही, भोंडसी जेल के अधीक्षक को भी अदालत ने निर्देश दिया है कि वह अगली सुनवाई पर आरोपी की चिकित्सीय स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बता दें कि आरोपी सिकंदर छोक्कर माहिरा सोसाइटी के निदेशक हैं। आरोपी पानीपत के समालखा से कांग्रेस विधायक धर्म सिंह छोक्कर के बेटे हैं। इस मामले में उनके विधायक पिता भी आरोपी हैं। आरोप है कि माहिरा होम्स द्वारा सेक्टर-68 स्थित प्रोजेक्ट में 1497 आवंटियों से करीब 360 करोड़ रुपये एकत्र किए गए, लेकिन कंपनी आवंटियों को उनके फ्लैट का पजेशन देने में फेल साबित हुई।