-इमरजेंसी में भर्ती के बाद भी नहीं मिला इलाज, नहीं हो पाई खून की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर 10 स्थित नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां व्यवस्था ही बीमार है। बृहस्पतिवार को इस बीमार व्यवस्था का शिकार एक और मरीज हुआ, जो तेज बुखार से पीड़ित था और इलाज के लिए इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने तत्काल खून की जांच लिखी, लेकिन जांच प्रक्रिया के लिए परिजनों और मरीज को अस्पताल के स्टाफ ने दस से ज्यादा चक्कर लगवा दिए। उसे कई काउंटरों पर भेजा गया, लेकिन खून की जांच नहीं हो पाई।
स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल एक बार फिर खुलकर सामने आई है। रोजाना ओपीडी में लगभग 3000 मरीज पहुंचते हैं। बृहस्पतिवार को तेज बुखार से पीड़ित मरीज प्रसोनजीत को इलाज के लिए इमरजेंसी में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने तत्काल ब्लड टेस्ट कराने को कहा लेकिन अस्पताल के स्टाफ ने मरीज और उसके परिजनों को टेस्ट की प्रक्रिया पूरी करने के लिए अस्पताल में दस चक्कर कटवा दिए। कई काउंटरों के चक्कर के बाद भी ब्लड टेस्ट नहीं हो सका। प्रसोनजीत ने बताया कि बीमारी के बाद अस्पताल कर्मचारियों के व्यवहार और व्यवस्था ने उन्हें और परेशान कर दिया।
पर्चा कहां बनेगा, कर्मचारी न बता सके
अस्पताल के काउंटर पर बैठे कर्मचारियों को खुद भी नहीं पता है कि कहां पर टेस्ट के लिए पर्चा बनेगा। प्रसोनजीत और उन जैसे कई मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन से मांग की है कि व्यवस्था में सुधार के उपाय किए जाएं। इमरजेंसी में आए मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर सुविधाएं दी जाएं ताकि समय पर इलाज हो सके और जान का जोखिम न बने।
ऐसे भटकाया मरीज
-पहले 141 नंबर पर भेजा
-फिर 101 पर भेजा
-101 से फिर वापस इमरजेंसी वार्ड
-इमरजेंसी वार्ड से 141 पर वापस
-सुरक्षा कर्मी ने कहा कि कल आना
अस्पताल में हुई समस्याओं को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित कर्मचारियों से बात की जाएगी और जहां भी खामियां हैं, वहां सुधार किया जाएगा। मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए अस्पताल प्रबंधन आवश्यक कदम उठा रहा है।-
डाॅ. लोकवीर, पीएमओ