बसों में 122 परिचालकों की कमी और 200 नई बसों के मिलने पर हुई चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के सीईओ एवं गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) के चेयरमैन श्यामल मिश्रा की अध्यक्षता में जीएमसीबीएल व जीएमडीए के अधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई। इसमें जीएमसीबीएल की गुरुगमन की बसों में 122 परिचालकों की कमी पर चर्चा हुई। सीईओ ने इस पर कार्रवाई अमल में लाने का निर्देश दिया। दूसरी ओर गुरुग्राम को मिलने वाली 200 एसी बसों पर भी चर्चा की गई।
जीएमसीबीएल की ओर से सेक्टर-10 और सेक्टर 52 बस डिपो से विभिन्न रूटों पर 150 बसों का संचालन हो रहा है। बैठक में जीएमसीबीएल के अधिकारियों ने चेयरमैन को अवगत कराया कि करीब 122 परिचालकों की कमी है। ऐसे में परिचालक को ओवर टाइम करना पड़ रहा है। वहीं, 200 नई एसी बसों के मिलने पर भी चर्चा की गई और इनके लिए भी परिचालकों की नियुक्ति पर विचार विमर्श किया गया। चेयरमैन ने कहा कि पहले परिचालकों की कमी को पूरा करने के लिए जरूरी कदम उठाया जाए। इसके साथ ही नई बसों में परिचालक को रखने के लिए अलग से प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा। चेयरमैन ने सिटी बस सेवा के बारे में जानकारी और सेवाओं को बेहतर करने के लिए निर्देश दिए।
सेक्टर-10 मेट्रो स्टेशन बस अड्डे से जुड़ेगा
गुरुग्राम। सेक्टर-10 बस डिपो में प्रस्तावित बस टर्मिनल को सेक्टर-दस मेट्रो स्टेशन से एफओबी द्वारा जोड़ा जाएगा। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) के साथ पूरी परियोजना पर चर्चा हुई। जीएमडीए के अनुसार, सेक्टर-दस डिपो की जीएमसीबीएल देखरेख करता है। यहां पर बस टर्मिनल का निर्माण होना है। ऐसे में जीएमडीए ने टर्मिनल के बारे में पूरी जानकारी जीएमसीबीएल के अधिकारियों को दी। इसमें बसों के संचालन और पूरे प्रारूप की जानकारी दी गई। वहीं, बस टर्मिनल के मेट्रो स्टेशन से जोड़ने वाली जगह के बारे में जानकारी दी गई। फरवरी में आयोजित बैठक में जीएमआरएल ने सेक्टर-10 स्थित सिटी बस डिपो पर बस टर्मिनल बनाने का प्रस्ताव जीएमडीए के सामने रखा था। बैठक में मेट्रो यात्रियों के लिए अलग से बस टर्मिनल बनाने की योजना पर सहमति बनी थी। इस पर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। ब्यूरो