- स्वास्थ्य विभाग ने एमटीपी व पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत 5 लोगों को दिया प्रोत्साहन राशि, अगले 6 महीनों में 50:50 संतुलन का लक्ष्य
निशांत पटेल
पलवल। जिले के 20 गांवों में लड़कियों की संख्या प्रति 1000 लड़कों पर 700 से भी कम दर्ज की गई है। यह खुलासा जनवरी 2024 से दिसंबर 2024 तक हुए विशेष सर्वे में हुआ। सबसे खराब स्थिति नगला काकरीपुर की पाई गई, जहां सेक्स रेशियो सिर्फ 282 है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन ने मिलकर अगले 6 महीनों में लिंगानुपात को संतुलित करने का लक्ष्य तय किया है। साथ ही अवैध लिंग जांच करने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों, झोलाछाप डॉक्टरों और मेडिकल स्टोरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस दिशा में कानूनी कार्रवाई, सामाजिक जागरूकता और नकली ग्राहक के जरिए छापेमारी अभियान भी तेज किया गया है।
20 गांवों में गंभीर असंतुलन
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले के वो गांव जहां लड़कियों का अनुपात 700 से कम है। इनमें से नगला काकरीपुर का 282, नगला पचानकी 476, बढ़का इलाहाबाद 514, न्यू रहीमपुर 524, इंदिरा नगर 538, अमीपुर 579, कमरावली 609, नंदावाला 617, हुडिथल 623, न्यू गूवर 625, खटका मुस्तफाबाद 627, दीवान फार्म 650, नगला गुरवारी 652, टप्पा गांव 657, होडल यूपीएचसी 661, विजयगढ़ 667, बेला 675, रामपुर होर 676, बदंतगढ़ 673 और लोहिना का 691 सेक्स रेशियो दर्ज किया गया।
भ्रूण लिंग जांच पर इनाम और कार्रवाई-
पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या करवाने या जांच कराने की सूचना देने पर व्यक्ति को 1 लाख रुपये का इनाम दिया जाता है और उसका नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है। अब तक 3 व्यक्तियों को एमटीपी एक्ट के तहत और 2 को पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत इनामी राशि दी जा चुकी है।
पीसीपीएनडीटी अधिनियम 1994 और एमटीपी अधिनियम, 2021 के तहत प्रावधान हैं। चिकित्सक द्वारा लिंग परीक्षण करते पाए जाने पर, पहली बार में 3 साल तक की कैद और 10,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। दूसरी बार ऐसा करते हुए पाए जाने पर, 5 साल तक की कैद और 50,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं, और मेडिकल रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जा सकता है।
गर्भवती महिला के पति या रिश्तेदार को भी पहली बार में 3 साल तक की कैद और 10,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है, और दूसरी बार ऐसा करते हुए पाए जाने पर 5 साल तक की कैद और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। डॉक्टर का मेडिकल पंजीकरण भी दोष सिद्ध होने पर पहली बार पर 5 साल के लिए निलंबित, दोबारा दोषी पाए जाने पर स्थायी रूप से रद्द किया जाएगा।
हम जिले के अस्पतालों और मेडिकल स्टोरों पर लगातार पीसीपीएनडीटी व एमटीपी एक्ट के तहत निगरानी कर रहे हैं। अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसने के लिए टीमें सक्रिय हैं। अगले 6 महीनों में हमारा लक्ष्य है कि लड़कों और लड़कियों का अनुपात 50:50 तक संतुलित किया जाए।
- - डॉ. सतिंदर वशिष्ठ, सीएमओ, पलवल