पुलिस के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो 15 जुलाई की इस वारदात में शामिल रहे कई युवक फर्रुखनगर में छह अगस्त को घर में घुसकर सागर की हत्या करने की वारदात में भी शामिल रहे। ये युवक रोहतक के रहने वाले बताए गए हैं। आरोप है कि 15 जुलाई की वारदात में इन्हें पकड़ा भी गया था लेकिन प्राथमिकी दर्ज न होने के चलते एहतियातन कार्रवाई हुई और छोड़ दिया गया।
सीसीटीवी में भागते हुए दिखे 15 आरोपी
कारोला गांव में घर में घुसकर सागर की हत्या कर भागने वाले युवक वहां लगे एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में कैद हुए। फुटेज में 15 युवक गली से भागते हुए नजर आ रहे हैं। 6 अगस्त को सागर की हत्या से पहले 3 अगस्त को भी घर में घुसकर उसके परिवार पर हमला हुआ था। इस दौरान गुरुग्राम पुलिस में एसपीओ सागर के पिता मुन्नीलाल भी घायल हुए थे। इसके बावजूद थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई नहीं की। इस कारण एक एएसआई व एक हवलदार को भी शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया।
15 जुलाई को दी थी मारने की धमकी
15 जुलाई को एक व्यक्ति ने राजेंद्रा पार्क थाना में शिकायत दी। शिकायत में बताया गया कि वो सेंट्रल पार्क, सेक्टर-104 और एलान ग्रुप, सेक्टर-106 में मिट्टी व पानी का कार्य करते हैं। 15 जुलाई की दोपहर लगभग साढ़े 3 बजे करीब 15-20 वाहनों में सवार 50-60 युवक उनकी साइटों पर पहुंचे। उन व्यक्तियों ने वहां मौजूद कर्मचारियों व सुरक्षा गार्डों को धमकाते हुए कहा कि यदि शिकायतकर्ता या उसके कर्मचारी साइट पर आए तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। उन व्यक्तियों ने यह भी धमकी दी कि यदि इस इलाके में काम करना है तो उन्हें पैसे देने होंगे, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पुलिस ने दावा किया कि जांच के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा काम करने के बदले रुपये मांगने, जान से मारने की धमकी देने, काम बंद करने की धमकी देने के आरोप झूठे पाए गए। शिकायतकर्ता की दूसरी साइट पर जाकर धमकी देने के आरोप भी झूठे पाए गए।
14 आरोपियों को काबू कर आठ गाड़ियां बरामद की थी
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए कुल 14 आरोपियों को काबू किया। इनके पास से 8 गाड़ियां भी बरामद की गईं। एक बार 8 आरोपियों को पकड़कर 5 गाड़ी व दूसरी बार 6 आरोपियों को पकड़कर 3 गाड़ी बरामद की गईं। पुलिस ने बयान जारी किया कि आरोपियों द्वारा इकट्ठे होकर शांति भंग करने का प्रयास किया गया। शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आरोपियों के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 126/170 के तहत कार्रवाई की गई है।