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Gurugram News: - सात साल का इंतजार खत्म, एनसीएलएटी से मिली हरी झंडी

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समाधान योजना के खिलाफ लंबित अपीलों को किया खारिज
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने 26 सितंबर को एक आदेश पारित करते हुए हरि ग्लोबल एलएलपी द्वारा प्रस्तुत समाधान योजना के खिलाफ लंबित सभी अपीलों को खारिज कर दिया है। हरि ग्लोबल एलएलपी को छह साल पहले सफल समाधान आवेदक घोषित किया गया था। ट्रिब्यूनल ने अब निर्देश दिया है कि इस योजना को रियल एस्टेट आवंटियों के सामने फिर से मतदान के लिए रखा जाए। यह उन लोगों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है जो लगभग एक दशक से अपने निवेश की वसूली का इंतजार कर रहे हैं।
कानूनी चुनौतियों और कुछ रियल एस्टेट आवंटियों की ओर से एनसीएलटी और एनसीएलएटी के समक्ष दायर की गई आपत्तियों के कारण समाधान योजना का कार्यान्वयन छह साल तक रुका था। जिसे ट्रिब्यूनल ने अब आखिरकार खारिज कर दिया है। एचएसवीपी ने प्रबंधन द्वारा लीज रेंट का भुगतान न करने का हवाला देते हुए सितंबर 2022 में अप्पू घर की संपत्ति को सील कर दिया था। एनसीएलटी ने 13 मार्च, 2024 को अपने आदेश से उनके लीज कैंसिलेशन और सीलिंग के आदेश को रद्द कर दिया था। ट्रिब्यूनल ने संपत्ति को डी-सील करने का आदेश दिया था। रियल एस्टेट आवंटियों के अनुसार कुछ जाने-माने बिल्डरों ने भी समाधान प्रक्रिया में रुचि दिखाई थी, लेकिन कानूनी बाधाओं के कारण माननीय ट्रिब्यूनल ने उनके प्रस्तावों को स्वीकार करने से मना कर दिया।
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इस परियोजना के करीब 1200 आवंटियों ने अपनी जीवन भर की बचत का निवेश किया था और वे लंबे समय से वित्तीय और भावनात्मक संकट में थे। हरि ग्लोबल एलएलपी के मैनेजिंग पार्टनर अरुण शर्मा के प्रयासों से छह साल तक इस मामले को आगे बढ़ाया गया। रियल एस्टेट आवंटियों के लिए यह अच्छी खबर लाई है। आवंटियों के अनुसार, हरि ग्लोबल की टीम को पूरा विश्वास था कि उनका प्रस्ताव सभी आवंटियों को न्याय दिलाएगा।
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हरि ग्लोबल की ओर से सीनियर काउंसलर डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी एनसीएलएटी के समक्ष पेश हुए और उन्होंने ट्रिब्यूनल से कानूनी गतिरोध को समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि योजना सभी कानूनी आवश्यकताओं का अनुपालन कर रही है, इसके बावजूद मामला छह साल से लंबित था। डॉ. सिंघवी ने ट्रिब्यूनल को अवगत कराया कि आवंटी पिछले 10 वर्षों से न्याय का इंतजार कर रहे हैं।
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