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Gurugram News: दो सफाई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त, एक के निलंबन के आदेश

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ठेकेदार पर रुपये देने का बना दे रहे थे दबाव, 14 नवंबर को दर्ज किया गया था मामला
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम ने दो सफाई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के साथ ही एक कर्मचारी को निलंबित किया गया है। नगर निगम द्वारा जारी आदेशों में कहा गया है कि सफाई कर्मचारी रामसिंह, नरेश कुमार और राजेश के खिलाफ पुलिस द्वारा 14 नवंबर को मुकदमा दर्ज किया गया था। इन कर्मचारियों के आचरण की वजह से नगर निगम गुरुग्राम की छवि खराब हुई है। इसके चलते सफाई कर्मचारी रामसिंह व नरेश कुमार की सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। तीसरे सफाई कर्मचारी राजेश को निलंबन आदेश जारी किए गए हैं।
शहर के सिविल लाइंस थाना में बीते 14 नवंबर को दर्ज एफआईआर नंबर-248 के अनुसार नगर निगम गुरुग्राम में बतौर ठेकेदार काम करने वाले व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि नरेश मलकट, रामसिंह, राजेश व अन्य लोग प्रत्येक माह 25 हजार रुपये दबाव डालकर मांगते हैं। रुपये न देने पर उसकी गाड़ियों को रोक देते हैं और गाड़ियों में नुकसान पहुंचाते हैं। शिकायत में कहा गया कि प्रत्येक माह के हिसाब से इनको लगभग तीन लाख रुपये दिए जा चुके हैं। नरेश प्रधान की लगातार धमकी भरी कॉल आ रही हैं कि या तो जनवरी से अब तक के पैसे दे दो, वरना गाड़ी नहीं चलने देंगे। शिकायत के आधार पर पुलिस द्वारा धारा-386, 34 व 120बी के तहत एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई करते हुए सफाई कर्मचारी नरेश कुमार व रामसिंह को गिरफ्तार किया।
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जांच के लिए कमेटी गठित
नगर निगम गुरुग्राम के प्रवक्ता ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है, जिसमें अतिरिक्त निगमायुक्त, संयुक्त आयुक्त (स्वच्छ भारत मिशन), मुख्य अकाउंट अधिकारी और विजिलेंस विंग के सलाहकार को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि यह कमेटी सफाई कर्मचारियों की बार-बार होने वाली हड़ताल के कारणों, हड़ताल करवाने में किसी ठेकेदार या एजेंसी की संलिप्तता और कर्मचारियों को निगम रोल पर नियुक्त करवाने में सफाई यूनियन नेताओं या अन्य निगम कर्मचारियों की भ्रष्टाचार में संलिप्तता आदि की जांच करेगी। इस मामले में अगर कोई व्यक्ति शिकायत देना चाहता है, तो वह संयुक्त आयुक्त (स्वच्छ भारत मिशन) के कार्यालय में दे सकता है।
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