स्थानीय सहयोग से ही संभव होगा स्कूलों का कायाकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने सेल्फ हेल्प मॉडल पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत स्कूलों को केवल सरकारी बजट पर निर्भर रहने के बजाय खुद संसाधन जुटाकर बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने साफ किया है कि स्कूलों में छोटे मरम्मत कार्य और जरूरी सुविधाओं के लिए अब इंतजार नहीं किया जाएगा।
स्कूल हेड को कहा गया है कि अपने स्तर पर पहल करते हुए ग्राम पंचायत, स्थानीय समाजसेवियों और अन्य संस्थाओं से सहयोग लेकर काम पूरा कराएं। इस पहल का मकसद स्कूलों को ज्यादा सक्रिय और जिम्मेदार बनाना ताकि समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर जल्दी ही हो सकें। क्लासरूम की हालत, शौचालयों की सफाई, पीने के पानी की व्यवस्था और बिल्डिंग के मरम्मत जैसे कामों प्राथमिकता में रखा गया है। वहीं शिक्षा विभाग ने अधिकारियों को नियमित रूप से रिपोर्ट लेने और स्कूलों का निरीक्षण करने को कहा गया है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।