विभाजन की विभीषिका की स्मृति में गुरुग्राम रेलवे स्टेशन पर लगाई प्रदर्शनी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। विभाजन की विभीषिका की स्मृति प्रदर्शनी के माध्यम से यात्रियों ने देश की आजादी के समय की जानकारी ली। सोमवार को गुरुग्राम रेलवे स्टेशन पर लगी स्मृति प्रदर्शनी देखकर लोगों ने बंटवारे के दर्द को महसूस किया।
स्मृति प्रदर्शनी में देश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर चित्रों के माध्यम से विभाजन के समय रेल द्वारा लोगों के पलायन को दर्शाया गया है। प्रदर्शित चित्रों के माध्यम से वर्तमान पीढ़ी को विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गई कठिनाइयों को स्मरण कराने हेतु यह प्रदर्शनी लगाई गई।
14 अगस्त को विभाजन की विभीषिका दिवस मनाया जाता है। रेलवे विभाग की ओर से सोमवार को गुरुग्राम रेलवे स्टेशन पर विभाजन की विभीषिका दिवस पर स्मृति प्रदर्शनी लगाई गई। जिसमें देश के विभाजन की त्रासदी को चित्रों के माध्यम से दिखाया गया कि भारत देश की आजादी के समय कैसी स्थिति थी। भारत व पाकिस्तान बंटवारे के दौरान लोगों को किस तरह की परेशानी हुई।
रेलवे स्टेशन पर स्मृति प्रदर्शनी का शुभारंभ नगर निगम गुरुग्राम के पूर्व उप महापौर परमिंदर कटारिया और वार्ड-10 के पूर्व पार्षद मंगतराम बागड़ी ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस अवसर पर कार्यवाहक स्टेशन अधीक्षक भूर सिंह मीणा, रेलवे सुरक्षा बल के थाना प्रभारी निरीक्षक नवल किशोर, राजकीय रेलवे पुलिस के थाना प्रभारी बाबू लाल सहित अन्य जवान उपस्थित रहे।
पूर्व उप महापौर परमिंदर कटारिया ने कहा कि 14 अगस्त 1947 के ही दिन 76 साल पहले अखंड भारत के दो टुकड़े हुए, लाखों लोग विस्थापित हुए। बड़े पैमाने पर दंगे भड़कने के कारण कई लोगों की जान चली गई थी। भारत का विभाजन किसी भी विभीषिका से कम नहीं था, ऐसे में इससे जुड़े यथासंभव प्रकरणों का प्रदर्शन किया गया है। मंगतराम बागड़ी ने कहा कि भारत की आजादी के शहीदों की याद में और विभाजन से होने वाली पीड़ा को याद करने के लिए ही स्मृति प्रदर्शनी लगाई गई है।