अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिला योजनाकार विभाग (एनफोर्समेंट) सही जवाब नहीं मिलने पर रिहायशी क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने पर संपत्तियों को सील कर सकता है। डीटीपीई ने ऑफिस ऑन द स्पॉट मुहिम के तहत सुशांत लोक-3 में अवैध निर्माण और रिहायशी मकानों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ करीब 250 मकानों पर नोटिस चस्पा किए हैं।
डीटीपीई अमित मधोलिया ने बताया कि कई मकानों में नियमों के विरुद्ध गेस्ट हाउस, क्लीनिक, योग सेंटर, ब्यूटी पार्लर, ऑफिस आदि का संचालन किया जा रहा है। नोटिस देकर संबंधित मकान मालिकों को सात दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित संपत्तियों पर रेस्टोरेशन आदेश जारी कर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले सुशांत लोक-2 और डीएलएफ फेज 1-5 में भी विभाग इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई कर चुका है। संबंधित क्षेत्रों में लोगों ने विभाग को जवाब सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और कई स्थानों पर अवैध निर्माण हटाने का कार्य भी किया जा चुका है।