मानेसर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से क्षेत्र में एनीमिया (खून की कमी) के मरीजों की पहचान के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर लोगों की जांच कर रही हैं और मरीजों को जरूरी इलाज व दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, जिन लोगों में हीमोग्लोबिन 10 ग्राम प्रति डेसीलीटर से कम पाया जाता है, उन्हें एनीमिया से प्रभावित माना जाता है। अभियान का उद्देश्य समय पर बीमारी की पहचान कर सही इलाज शुरू करना है। मानेसर के सब सेंटर शिकोहपुर व रामपुरा में स्वास्थ्य टीम ने करीब 225 मरीजों की स्क्रीनिंग की गई। वहीं, नखडौला पीएचसी की तरफ से 300 के करीब लोगों की सक्रीनिंग की गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर तरुण चोपड़ा ने बताया कि क्षेत्र में सबसे ज्यादा एनीमिया के मामले महिलाओं में पाए जा रहे हैं। कई महिलाओं को इस बीमारी की जानकारी नहीं होती, जिससे समय पर इलाज नहीं हो पाता। उन्होंने बताया कि खून की कमी के कारण महिलाओं को कमजोरी, थकान और काम के दौरान चक्कर आने जैसी समस्याएं होती हैं। संवाद