गुरुग्राम। विश्व मल्टीपल स्क्लेरोसिस (एमएस) दिवस के अवसर पर निजी अस्पताल में मरीजों की बेहतर देखभाल और जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष मल्टीपल स्क्लेरोसिस क्लीनिक की शुरुआत की है। समय पर पहचान व इलाज से स्क्लेरोसिस के प्रभाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। डॉ. प्रवीण गुप्ता ने बताया कि एमएस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली तंत्रिका तंत्र पर हमला करती है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच और उपचार से मरीजों की जीवन गुणवत्ता बेहतर बनाई जा सकती है। अस्पताल में हर महीने 12 से 15 एमएस मरीजों का इलाज किया जाता है और यह विशेष क्लीनिक हर मंगलवार को संचालित होगा। साथ ही एमएस मरीजों को मुफ्त परामर्श भी दिया जाएगा। मल्टीपल स्क्लेरोसिस सोसाइटी ऑफ इंडिया की चेयरपर्सन बिपाशा गुप्ता ने समय पर जांच और उपचार को विकलांगता रोकने के लिए जरूरी बताया। कार्यक्रम में मरीजों, डॉक्टरों और पुनर्वास विशेषज्ञों ने भाग लिया और मरीजों ने अपने अनुभव साझा किए। संवाद