नूंह। करीब दो महीने पहले निदेशक सेकेंडरी शिक्षा हरियाणा ने आदेश जारी किए थे कि बिना मान्यता चल रहे स्कूलों पर कार्रवाई की जाए। इस संदर्भ में उपायुक्त ने भी बैठक लेकर आदेशों का पालन करने के लिए कहा। लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने आज तक इन आदेशों का पालन नहीं किया। हालात ये हैं जिले में 89 स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं और किसी पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
निदेशक के पत्रांक 7/21-2017 पी (3) दिनांक 24-04-2025 की अनुपालना में उपायुक्त की अध्यक्षता में दिनांक एक मई को बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के सभी एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी, सभी खंड शिक्षा अधिकारियों ने भाग लिया। निर्देश दिए गए कि गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों की सूची लेकर सभी खंड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने खंड के विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण करके उनके मान्यता संबंधित दस्तावेज चेक करें कोई भी विद्यालय दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करता है तो संबंधित थाना प्रभारी को रिपोर्ट दर्ज के लिए पत्र लिखा जाए तथा ऐसे विद्यालयों की खबर छपवाई जाए ताकि बच्चे ऐसे गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश न लें। इसकी पूरी जानकारी संबंधित एसडीएम से साझा करें।
बिना मान्यता चल रहे स्कूलों पर अधिकारी कार्रवाई करने से बचते हैं। सूत्रों के अनुसार, ऐसे स्कूल शिक्षा विभाग को चंदा देते हैं।
किस खंड में कितने स्कूल
तावडू खंड में बिना मान्यता चल रहे स्कूलों की संख्या 19 है, पुन्हाना में 24, नूंह में भी 20 स्कूल ऐसे ही चल रहे हैं। नगीना खंड में 12 और फिरोजपुर झिरका में 13 स्कूल डीईओ कार्यालय के अनुसार हैं।
नियमों का खुला उल्लंघन
यह शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत धारा 18 का स्पष्ट उल्लंघन है। धारा 18 के तहत कोई भी विद्यालय उपयुक्त प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त किए बिना स्थापित या संचालित नहीं किया जा सकता। लेकिन कुछ शहरी क्षेत्रों में प्ले स्कूल के नाम पर ऐसे संस्थान संचालित हो रहे हैं जिनमें कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थी नामांकित हैं। यह भी शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है। कुछ गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) व फाउंडेशन रेमिडियल क्लासेज के नाम पर नियमित विद्यालयी समय में पूर्णकालिक विद्यालय संचालित कर रहे हैं, जोकि अवैध है।
अभी स्कूलों में छुट्टियां चल रही हैं। सभी बीईओ को कार्रवाई के लिए लिखा गया है। स्कूल खुलने के बाद पता चलेगा कि अब कार्रवाई क्यों नहीं की गई। -सगीर अहमद, उपजिला शिक्षा अधिकारी, नूंह