अरावली को 100 साल पुरानी स्थिति में लौटाने की कोशिश का लिया संकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। गुरुग्राम समेत दिल्ली एनसीआर में अरावली को लेकर संघर्ष कर रहे पर्यावरण एक्टिविस्ट्स की टीम ने अजमेर में अरावली है तो हम हैं विषयक बैठक में हिस्सा लिया। अजमेर में अरावली बचाओ रैली का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अरावली के प्रति लोगों में संवेदना जगाना और लोगों को शिक्षित करना है।
अरावली बचाओ आंदोलन से जुड़े कर्नल एसएस ओबरॉय ने बताया कि अरावली संरक्षण की इस मुहिम के तहत चार जनवरी को गुरुग्राम के सनसिटी फॉरेस्ट में बैठक की गई थी। इसके बाद 12 जनवरी को राजस्थान के पर्यावरण प्रेमियों के साथ अजमेर में बैठक हुई। इसमें अरावली के संरक्षण और इसे 100 साल पुरानी मूल स्थिति में लौटाने की योजना पर चर्चा की गई। सुप्रीम कोर्ट की अरावली पर 20 नवंबर को दी गई 100 मीटर की परिभाषा के स्टे पर चर्चा हुई।
राजस्थान की टीम ने अरावली के संरक्षण को लेकर राष्ट्रपति के नाम एक पत्र भेजा है। अरावली बचाओ सिटिजन मूवमेंट के प्रतिनिधि एसएस ओबरॉय जयपुर, उदयपुर और अलवर में अरावली बचाओ जागरूकता कार्यक्रम करेंगे। 17 जनवरी को गुरुग्राम में अरावली बचाओ बैठक होगी। गुजरात के लोगों ने भी अरावली संरक्षण की उनकी मुहिम का समर्थन किया है। आओ मिलकर बचाएं अरावली को विषय पर एक समानांतर सत्र गुजरात में भी आयोजित किया जा रहा है।