निगम कर्मचारियों की 26 दिन से हड़ताल जारी, आंदोलन तेज करने का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम/पटौदी। नगर निगम कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल 26वें दिन भी पूरी तरह बेअसर करने की सरकारी कोशिशों के बीच जारी रही। सोमवार को आंदोलन ने उस समय उग्र रूप ले लिया जब सीटू जिला कमेटी के समर्थन में हजारों सफाई कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड कर्मियों ने सड़कों पर उतरकर हुंकार भरी। कमला नेहरू पार्क से शुरू हुआ यह विशाल आक्रोश मार्च शहर के मुख्य रास्तों से गुजरते हुए पुराना नगर निगम कार्यालय पहुंचा, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिला सचिव रानी ला, राज्य उप प्रधान बसंत कुमार और फायर प्रधान साहुन खान ने संयुक्त रूप से किया। आंदोलनकारी नेताओं ने दो टूक शब्दों में सरकार पर पुलिसिया दमन चक्र चलाने और तानाशाही रवैये से हड़ताल को दबाने का गंभीर आरोप लगाया। कर्मचारी संघ ने प्रशासन को घेरते हुए दावा किया कि शहरों में कूड़ा उठाने और वैकल्पिक सफाई व्यवस्था के सभी सरकारी दावे जमीन पर पूरी तरह फेल साबित हो चुके हैं। नेताओं ने एक बड़ा खुलासा करते हुए आरोप लगाया कि सफाई के नाम पर फर्जी बिल तैयार कर सरकारी धन की खुली लूट की जा रही है। संघ ने अब तक हुए सभी खर्चों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि पुलिस के डर से कर्मचारियों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
वहीं, नगरपरिषद पटौदी जाटौली मंडी स्थित हेलीमंडी कार्यालय परिसर में सफाई कर्मचारी प्रधान ओमप्रकाश की अध्यक्षता में धरने पर बैठे सफाई कर्मियों ने हरियाणा सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए। उनके अनुसार जब तक हमारी जायज मांगों को सरकार पूरा नही करेगी हमारा आंदोलन जारी रहेगा।
ठेका प्रथा समाप्त करने और पक्की भर्ती की मांग
संघ ने शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के विभागों से जुड़े कर्मचारी आंदोलनरत हैं, लेकिन हड़ताल का समाधान नहीं निकल रहा। राज्य उप प्रधान बसंत कुमार ने सफाई और सीवर कर्मचारियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने 13 मई के समझौते को लागू करने, ठेका प्रथा समाप्त करने और पक्की भर्ती की मांग की।
कर्मचारियों को मिल रहा समर्थन
कर्मचारियों की हड़ताल को किसान, मजदूर, दलित और अन्य जनसंगठनों का लगातार समर्थन मिल रहा है। संघ ने फायर कर्मचारी रणबीर और भवी चंद शर्मा के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और पक्की नौकरी देने की भी मांग की। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 2 सितंबर तक मांगों का समाधान नहीं हुआ तो हड़ताल को और आगे बढ़ाया जाएगा। आज शाम सात बजे प्रदर्शन करते हुए मशाल जुलूस निकालने की भी घोषणा की गई।