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Gurugram News: ट्रकों के फर्जी गेट पास काटकर धान की सरकारी खरीद में गड़बड़ी का आरोप

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- ट्रकों के फर्जी गेट पास काटकर धान की सरकारी खरीद में लाखों रुपये का हुआ घोटाला
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-ट्रक मालिक ने मंडी अधिकारियों पर लगाए पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल घोटाले के आरोपसंवाद न्यूज एजेंसी
होडल। क्षेत्र की अनाज मंडियों में किसानों की धान की फसल की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होने वाली सरकारी खरीद में एजेंसियों के अधिकारियों व मिलर्स सहित मंडी अधिकारियों ने सरकार को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया है। गड़बड़ी का खुलासा ट्रकों में लगे जीपीएस सिस्टम से हुआ, जहां खरीद एजेंसी (वेयरहाउस) के अधिकारियों ने दूसरे स्थान पर धान की ढुलाई का कार्य कर रहे ट्रकों के रजिस्ट्रेशन नंबरों के फर्जी गेट पास काट दिए।

ट्रक मालिकों ने जब फर्जी गेट पास काटने के मामले की सूचना वेयरहाउस अधिकारियों को दी तो उन्होंने मामले की सुनवाई से इंकार कर दिया। गौरतलब है कि क्षेत्र की अनाज मंडियों में सरकारी धान की खरीद में लगातार किसानों के साथ धोखाधड़ी कर उन्हें चूना लगाने की शिकायत किसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय के अलावा मुख्यमंत्री नायब सैनी के कार्यालय में भी कर चुके हैं। लेकिन किसानों की समस्याओं पर किसी प्रशासनिक अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया।
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मंडियों में धान की ढुलाई करने वाले ट्रक मालिक विजय अग्रवाल ने बताया कि 24 अक्टूबर को उनके दो ट्रक जिनमें जीपीएस सिस्टम सरकार के नियमों के अनुसार लगे हुए थे, होडल अनाज मंडी से मयंक राइस मिल के लिए धान की ढुलाई कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने होडल अनाज मंडी से अपने ट्रकों के गेट पास कटवाए तो खुलासा हुआ कि मिलरों ने हसनपुर अनाज मंडी में खरीद एजेंसियों के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा करते हुए उनके ट्रकों के फर्जी गेट पास मयंक राइस मिल के नाम पर कटवा दिए।
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जब उन्होंने इस मामले की शिकायत खरीद एजेंसी अधिकारियों से की तो उन्होंने सुनवाई से इंकार कर दिया। ट्रक मालिक ने बताया कि 26 अक्टूबर को उन्होंने अपने ट्रक को हसनपुर अनाज मंडी से गणपति राइस मिल के धान की ढुलाई के लिए भेजा, लेकिन उससे पहले ही उसके ट्रक का फर्जी गेट पास न्यू रिश्ता एग्रो मिल के नाम से कटा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि रविवार की दोपहर बाद से वह फर्जी गेट पास के मामलों की शिकायत करता रहा लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने अनाज मंडियों में अधिकारियों द्वारा किसानों की धान की खरीद में पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल घोटाला करने का आरोप भी लगाया है।
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