संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में चल रहे कौशल आधारित पाठ्यक्रमों की समीक्षा शुरू की है। इसका उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ तकनीकी और व्यवहारिक ज्ञान देना है। विभाग वर्तमान में चल रहे स्किल कोर्सेज की विद्यार्थियों की जरूरतों के हिसाब से उनकी उपयोगिता की समीक्षा करेगा। इसके साथ ही नए क्षेत्रों की पहचान की जा रही है, जिनमें प्रशिक्षण देकर छात्रों को बेहतर करियर विकल्प दिए जा सकें। अधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों को स्कूल स्तर से ही तकनीकी और व्यावसायिक कौशल से जोड़ना जरूरी है। इससे उनमें काम करने की समझ, आत्मविश्वास और भविष्य की तैयारी बेहतर होगी।
विभाग की योजना उद्योगों और विशेषज्ञों की मदद से प्रशिक्षण को ज्यादा प्रभावी बनाने की है। इससे छात्रों को कामकाजी माहौल की जानकारी मिलेगी और वे रोजगार और स्वरोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे। नई शिक्षा नीति के तहत इस पहल से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए करियर के नए अवसर खुलेंगे।