दूसरे तिमाही में किए गए गर्भपात मामलों की जांच कर रहा स्वास्थ्य विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले तीन महीनों में किए गए दूसरे तिमाही 12 सप्ताह के बाद 35 गर्भपात मामलों की जांच शुरू कर दी है। यह जिले में महिला भ्रूण हत्या के संदेह में की गई। वर्तमान में 35 कन्या भ्रूण मामले में रिवर्स ट्रैकिंग की जा रही है। इन मामलों में एक बात सामने आई है कि दंपतियों की पहले से एक या अधिक बेटियां थीं। विभाग की मानें तो एक मामले में एफआईआर लंबित है।
विशेष टास्क फोर्स की बैठक में इन मामलों की जांच और नियमों के उल्लंघन पर सख्ती से कार्रवाई का निर्णय लिया गया। निजी अस्पतालों और क्लीनिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। जबकि एएनएम, आशा, सहेली और चिकित्सा अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जांच में पुष्टि होने पर डॉक्टरों के लाइसेंस तक रद्द किए जा सकते हैं।
क्या होता है रिवर्स ट्रैकिंग
विभाग द्वारा किसी भी मामले में गहराई से जांच करना। कन्या भ्रूण मामले में गर्भवती की जांच से लेकर डाॅक्टर से बातचीत के आधार पर जांच करना है। गर्भपात का कारण जैसे महिला के जीवन या स्वास्थ्य को खतरा, भ्रूण में असामान्यता स्पष्ट रूप से डॉक्टर द्वारा दर्ज किया जाना चाहिए।
वर्जन
जिले में इस तरह के जितने भी मामले सामने आए हैं सभी पर जांच की जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम रिवर्स ट्रैकिंग कर जांच कर रही है। डाॅ. अलका सिंह, सीएमओ, गुुरुग्राम