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Gurugram News: बिजली घर न होने से परेशानी झेल रहे सोसाइटियों के निवासी

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अस्थायी कनेक्शन के भरोसे लोग, जर्जर केबलों के सहारे टिकी है बिजली व्यवस्था
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पूनम

गुरुग्राम। नए गुरुग्राम की सोसाइटियों में 33 केवीए स्वीचिंग स्टेशन (बिजली घर) न बनने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जरूरत के मुकाबले कम लोड के अस्थायी कनेक्शन और दूरदराज से आने वाली केबल में आए दिन फॉल्ट आते रहते हैं।

कई-कई दिन तक बगैर बिजली के जेनसेट के सहारे सोसाइटियों के लोगों को रहना पड़ रहा है। लोगों की शिकायत है कि यह हाल तब है जब कई बिल्डरों ने बिजली निगम को स्वीचिंग स्टेशन के लिए जमीन और बैंक गारंटी की राशि उपलब्ध करा दी है।
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पहले जब बिल्डरों को यह इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करके देना था तो बिल्डरों को कोसा जाता था मगर नए नियमों के बाद स्वीचिंग स्टेशन बनाने का दारोमदार बिजली निगम का है। निगम का यह ढीला ढाला रवैया लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है।


हर महीने जेनसेट के डीजल, केबल रखरखाव पर ढाई लाख खर्च

सेक्टर 109 स्थित कैलेडियम सोसाइटी में तीन साल से 33 केवीए सबस्टेशन का मामला लंबित है। दो किमी दूर बिजली घर से अंडरग्राउंड केबल जर्जर हो गई हैं। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुभाष चंद्र अम्बष्ठा बताते हैं कि जर्जर केबल के रखरखाव में हर महीने औसतन 40 हजार रुपये खर्च होते हैं। केबल फॉल्ट के कारण बिजली जाती है और औसतन जेनसेट के डीजल पर हर महीने औसतन दो लाख रुपये खर्च होते हैं। यह खर्च सोसाइटी में रहने वाले 150 परिवारों को वहन करना पड़ता है।

मार्च से कर रहे टेंडर खुलने का इंतजार

सेक्टर 67 स्थित अंसल एसेंशिया सोसाइटी में करीब 2000 परिवार रहते हैं। सोसाइटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुभाष खन्ना ने बताया कि बिल्डर ने स्वीचिंग स्टेशन के पैसे और जमीन काफी पहले दे दी थी। मार्च में बिजली निगम ने बताया कि इसके लिए टेंडर हुए हैं। मई में टेंडर कैंसिल कर दिए गए। 33 केवीए स्वीचिंग स्टेशन के अभाव में काफी परेशानी होती है। बहुत ज्यादा पावर कट लगते हैं। जेनसेट के डीजल में काफी पैसे खर्च हो रहे हैं।




स्थायी बिजली कनेक्शन का इंतजार

सेक्टर 92 स्थित राइजिंग होम्स सोसाइटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष प्रवीण मलिक बताते हैं कि बिजली निगम को स्वीचिंग स्टेशन के पैसे, जमीन आदि उपलब्ध कराए हुए चार महीने से ज्यादा हो गए मगर अभी प्रक्रिया नहीं शुरू हुई है। बिजली निगम के एसई, चीफ इंजीनियर सबको लिख चुके हैं। सोसाइटी में अभी दो हजार परिवार रह रहे हैं। एक हजार और आने वाले हैं। अस्थायी कनेक्शन और कम लोड की बिजली के कारण काफी दिक्कत आती है।

अब तक शुरू नहीं हुआ काम

सेक्टर 84 स्थित पीवोटल दीवान सोसाइटी के आरडब्ल्यूए कोषाध्यक्ष अभिनीत झा ने बताया कि बहुत संघर्ष के बाद मार्च में 33 केवीए सब स्टेशन के आर्डर हुए थे मगर अभी तक जमीन पर कोई काम नहीं शुरू हुआ है। सोसाइटी में एक हजार परिवार रहते हैं।
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सर्किल वन में 80 में से 32 स्वीचिंग स्टेशन बने

बिजली निगम के एसई-1 श्यामवीर सैनी अनुसार, बिजली निगम के सर्किल वन इलाके में निगम को 80 के करीब 33 केवीए स्वीचिंग स्टेशन बनाने हैं। इसमें 33 में बिल्डर ने बिजली निगम को जमीन दे दी है मगर सिटी डिविजन में पांच बिल्डरों ने अभी जमीन हैंडओवर नहीं की है। बिजली निगम के सर्किल वन में 32 स्वीचिंग स्टेशन बना लिए हैं। इनमें सिटी डिविजन में पूरे हुए 33 केवीए स्वीचिंग स्टेशन की संख्या 11 है। मानेसर में 21 स्वीचिंग स्टेशन बिजली निगम ने पूरे कर लिए हैं। मानेसर में कुल 45 स्वीचिंग स्टेशन बनाए जाने हैं इनमें 19 पर काम नहीं शुरू हो पाया है। निर्माणाधीन स्वीचिंग स्टेशनों में मानेसर में पांच और सिटी डिविजन में पांच स्वीचिंग स्टेशन शामिल हैं। सिटी डिविजन में 19 स्वीचिंग स्टेशन पर काम नहीं शुरू हो पाया है।
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