आरडब्ल्यूए बोली- क्या दिल्ली के मालवीय नगर या सैदुलाजब जैसी घटना का इंतजार कर रहा प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। दिल्ली के मालवीय नगर के एक होटल में लगी भीषण आग ने गुरुग्राम के रिहायशी इलाकों में चल रहे अवैध पीजी और गेस्ट हाउसों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे का शिकार गुरुग्राम का एक परिवार भी हुआ है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी दहशत है। सेक्टर-14, सुशांत लोक और डीएलएफ फेज-3 जैसे सघन क्षेत्रों में क्षमता से अधिक बिजली उपकरणों के इस्तेमाल और बिल्डिंग कोड के उल्लंघन ने बड़े खतरे को जन्म दिया है। स्थानीय आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने प्रशासन को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि शहर में दिल्ली जैसी किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।
वर्जन
मैंने उपायुक्त और निगमायुक्त को पत्र लिखकर इलाके के बिल्डर फ्लोर, शाॅपिंग कॉंप्लेक्स, मार्केट आदि में फायर ऑडिट के लिए लिखा है। यहां करीब 200 पीजी, 150 से ज्यादा गेस्ट हाउस, 300 से ज्यादा बिल्डर फ्लोर हैं, जहां नियमों का उल्लंघन हो रहा है। -अशोक दलवानी, महासचिव, सुशांत लोक-1
हमारे सेक्टर में 160, 180 गज के फ्लोर में कई-कई मंजिलें बनी हुई हैं। एक 500 गज के घर में 60 कमरे बने हैं, वहां 11 केवी का ट्रांसफार्मर भी लगा है और बिल्कुल घर के सामने है। पीजी, गेस्ट हाउस तमाम बगैर पुलिस वेरिफिकेशन के लोग रह रहे हैं। -विनीता सिन्हा, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सेक्टर-55
सेक्टर-14 पीजी व गेस्ट हाउस से भरा हुआ है। सुरक्षा के उपाय नहीं नजर आते हैं। अगर कोई हादसा हो जाए तो कुछ हिस्से ऐसे हैं, जहां फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तक नहीं पहुंच सकतीं। ओवरलोडेड बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर, नियमों को धत्ता कर व्यवसायिक हित लोग साध रहे हैं। -दिनेश अग्रवाल, पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सेक्टर-14
डीएलएफ फेज -3 यू ब्लॉक में ईडब्ल्यूएस प्लाॅट की बिल्डिंगों में कभी भी हादसा हो सकता है। 60-60 गज के प्लॉट वाले घरों में पीजी, गेस्ट हाउस चल रहे हैं, जहां 12-12 एसी लगे हैं। डीएलएफ फेज -3 के पास के गांव नाथूपुर की स्थिति और ज्यादा चिंता जनक है। -नवीन रंगेरा, आरडब्ल्यूए संयोजक डीएलएफ फेज-3
सेक्टर-45 में पीजी और गेस्ट हाउस भरे हुए हैं। यहां की कानून व्यवस्था भी अलग है। शाम में एक व्यक्ति नहीं दिखता। रात के 10 बजे के बाद चलने की जगह नहीं होती। ऐसा लगता है कि सेक्टर बेसहारा हो, कोई सुनने को तैयार नहीं है। कहीं कोई जांच कोई नियम कायदा बताने वाला नहीं है। -ओपी यादव, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सेक्टर-45
हमारी सोसाइटी में 550 परिवार रहते हैं। अग्नि शमन के साधन काम नहीं करते। फायर एनओसी नहीं मिली है। अग्निशमन विभाग जांच करके गया है मगर कोई हल नहीं निकला। ऐसी आपदा में सोसाइटियों के निवासियों को भी काफी खतरा है। नियमित जांच और मॉक ड्रिल की भी जरूरत है। -विकास सिंह मैनी, स्पेज प्रीवी द एड्रेस सेक्टर 93