संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-44 स्थित फोर्टिस अस्पताल में लिवर ट्रांसप्लांट के मरीज मानेसर निवासी नवीन (29) की उपचार के दौरान शनिवार को मौत होने पर परिजनों ने रविवार को अस्पताल के बाहर करीब दो घंटे प्रदर्शन किया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया । अस्पताल प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की दो मांगे मानी, इसके बाद ही प्रदर्शन खत्म हो सका। अस्पताल प्रशासन द्वारा मृतक नवीन के लंबित करीब सात लाख रुपये छोड़ने और उनकी पत्नी का उपचार मुफ्त में करने पर प्रदर्शन शांत हो सका। नवीन की पत्नी ने लिवर ट्रांसप्लांट में लिवर दिया था।
प्रदर्शनकारी कैलाश ने बताया कि मृतक नवीन का करीब डेढ़ साल से लिवर का उपचार चल रहा था। तीन फरवरी को नवीन लिवर ट्रांसप्लांट के लिए फोर्टिस अस्पताल में भर्ती हुए थे। अस्पताल ने उपचार के लिए 19 लाख रुपये ले लिए थे। 19 फरवरी को अस्पताल ने उपचार करने के बाद नवीन को अस्पताल से छुट्टी दे दी थी। घर आने के बाद दूसरे दिन उनके सिर में दर्द होने लगा तो वह अस्पताल में भर्ती हो गए। अस्पताल प्रशासन से फिर से साढ़े तीन लाख रुपये जमा करा लिए। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद फिर से उनके शरीर में दिक्कत होने लगी। इसके बाद अस्पताल ने उपचार के लिए फिर से पैसे ले लिए। उन्होंने बताया कि लिवर ट्रांसप्लांट के नाम पर लिए 19 लाख रुपये से अतिरिक्त अस्पताल ने आठ लाख रुपये ले लिए। बीते बृहस्पतिवार को नवीन को उल्टी में खून आया था। इसके बाद वह अस्पताल में फिर से भर्ती हो गया था। शनिवार रात करीब 11 बजे उनकी मौत हो गई।
मृतक नवीन के चाचा जसवंत ने बताया कि फोर्टिस अस्पताल में डेढ़ साल तक चले उपचार में करीब 65 लाख रुपये लिए थे। इतने पैसे लेने के बावजूद भी अस्पताल प्रशासन ने उपचार में लापरवाही बरती है। अगर लापरवाही न बरती होती तो भतीजा बच सकता था।