एक रात शव के साथ सोया था पिता, डर के चलते उसे रेहड़ी पर ले जाकर फेंका
गुरुग्राम। मानसिक दिव्यांग किशोर की मौत की खबर उसके परिवार के लोगों को ही थी। पिता का कहना है कि बृहस्पतिवार रात को उसकी मौत होने के बाद पूरी रात वह अपने बेटे के शव के साथ सोया था। वह पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की धमकी से इतना डर गए थे कि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ निश्चय किया कि बेटे के शव को दूर कहीं फेेंक आएंगे। शुक्रवार को उन्होंने रेहड़ी पर ले जाकर बेटे के शव को खेड़कीदौला क्षेत्र में फेंक दिया।
पिता ने बताया कि जब वह थाने में गए थे तो पुलिसकर्मियों ने तीनों आरोपियों को पकड़कर ले आए। थाने में ही पुलिसकमयों ने कार्रवाई की बजाय आरोपियेां के साथ समझौता कराने की कोशिश करने लगे। कहने लगे कि बेटा मानसिक तौर पर बीमार है यह कुछ भी कह सकता है। ये तीनों इसके इलाज का खर्चा उठा लेंगे। समझौता कर लो। इसके बाद वह अपने बेटे को लेकर वापस आ गया। बृहस्पतिवार को इलाज के अभाव में बेटे की मौत के बाद वह घर में उसके साथ ही सोया और अगले दिन रेहड़ी पर ले जाकर उसके शव को फेंक आया। हालांकि पुलिस इन आरोपों की जांच की जाने की बात कह रही है।
सौतेला बेटा था मृतक
रेहड़ी चलाने वाले पिता की पहली पत्नी से मृतक किशोर पैदा हुआ था। पत्नी की मौत के बाद उसने दूसरी शादी कर ली जिससे तीन बच्चे और थे। मानसिक दिव्यांग होने के चलते यह पूरे दिन घर के बाहर ही घुमता रहता था। पड़ोसियों के मुताबिक इसकी सौतली मां इसका खास ख्याल नहीं रखती थी। ऐसे में पिता ही इसका पूरा देखभाल करते थे।
पोस्टमार्टम हाउस में हुई दिक्कत
रविवार को मेडिकल बोर्ड से मृतक के पोस्टमार्टम के दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पोस्टमार्टम हाउस में इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट के चलते दो दिनों से फ्रीजर और एसी बंद था। इसके चलते यहां रखे शव सड़ने लगे। यहां तैनात डॉक्टरों के मुताबिक इस संबंध में नागरिक अस्पताल प्रबंधन को शिकायत की जा चुकी है। अभी तक इनके मरम्मत का काम नहीं हुआ है।