गुरुग्राम। अशोक विहार में 15 वर्षीय मानसिक दिव्यांग किशोर के साथ कुकर्म के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुकर्म के साथ मारपीट की पुष्टि हुई है। रविवार को मेडिकल बोर्ड से हुए पोस्टमार्टम में सिर के पीछे लगी चोट से मौत की वजह सामने आई। इस मामले में पुलिस कार्रवाई पर उठे सवालिया निशान बाद पुलिस आयुक्त ने गंभीरता दिखाते हुए उस दिन ड्यूटी ऑफिसर रहे सेक्टर-5 थाना एएसआई मोहम्मद शरीफ को लाइन हाजिर कर दिया। पुलिस आयुक्त ने एसीपी को जांच सौंपी है। सोमवार को जांच रिपोर्ट तलब करने के आदेश दिए है। रविवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेजे बोर्ड के सामने पेश किया जहां से उन्हें फरीदाबाद स्थित बाल सुधार गृह में भेज दिया।
रविवार को मेडिकल बोर्ड से मृतक किशोर का पोस्टमार्टम कराया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. दीपक माथुर ने पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक के साथ कुकर्म हुआ है। उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान है। सिर के पीछे लगी चोट की वजह से उसकी मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद पीड़ित पिता ने बातचीत में बताया कि तीनों ही आरोपी नशेड़ी प्रवृति के थे। उनसे हमें डर लगता था। मेरा बेटा मानसिक दिव्यांग होने के कारण बाहर घुमता इसका फायदा उठाकर आरोपियों ने अशोक विहार स्थित खुले मैदान के पास 14 जून को झाड़ियों में वारदात को अंजाम दिया। पिता का आरोप है कि बच्चे को आरोपियों ने नशा भी दिया था। इसके बाद शाम का वह घर आया तो उसने बताया कि उसके पैरों में दर्द है। अगले दिन उसने सारी आपबीती बताई तो उसे डॉक्टर के पास एक्सरे कराने ले गया। लेकिन इसके बाद वह इतना डर गया कि उसने बच्चे का आगे इलाज नहीं कराया। पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक बच्चे के साथ आरोपियों ने पहले भी कुकर्म की वारदात को अंजाम दिया था। वे काफी समय से बच्चे के पीछे लगे हुए थे। लेकिन 14 जून को उन्होंने उसके साथ बर्बरता की जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी समेत गर्दन पर चोट आई। जिसके बाद इसकी मौत हो गई। पूरे मामले को लेकर डीसीपी वेस्ट सुमेर सिंह के मुताबिक पीड़ित परिजनों के आरोपों के आधार पर एएसआई मोहम्मद शरीफ को लाइन हाजिर कर दिया है। जांच कमेटी में एसीपी मुकेश पूरे मामले की जांच कर रहे है। अगर जांच में लापरवाही पाई जाती है तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।