गुरुग्राम। सुनारिया जेल में बंद गुरमीत राम रहीम को 100 घंटे जांच व उपचार के बाद मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। रोहतक पुलिस के डीएसपी शमसेर सिंह दहिया के नेतृत्व में कड़ी सुरक्षा के साथ शाम पांच बजकर 20 मिनट पर 78 किमी की दूरी तय कर छह बजकर 40 मिनट पर उसे सुनारिया जेल पहुंचा दिया है। शाम चार बजे उसकी बेटी चरणप्रीत उससे मिलने मेदांता आई थी। जिसे राम रहीम से मिलाने से मना कर दिया गया।
पेट की बीमारी के चलते राम रहीम का उपचार पीजीआईएमएस के 11 सदस्यीय डॉक्टरों की टीम कर रही है। जिसकी ओर से सुझाए गए जांच के लिए उसे दो दिन पहले मेदांता अस्पताल में दाखिल कराया गया था। जहां पर टेस्ट के दौरान उसकी प्राथमिक जांच में कोरोना पॉजिटिव मिला था। जिसके चलते उसे नौवीं मंजिल पर कोविड वार्ड में रखा गया था। जेल प्रबंधन की ओर से परिजनों को भेजी जाने वाली सूचना पर हनीप्रीत उसे देखने के लिए मेदांता अस्पताल पहुंची थी।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से राम रहीम का अटेंडेंट कार्ड भी 15 जून तक बना दिया गया था। इसके बाद उसकी सुरक्षा में एसओपी के तहत आए डीएसपी महम शमसेर सिंह दहिया ने अस्पताल प्रबंधन से सोमवार को आपत्ति जताते हुए जेल प्रबंधन की ओर से मिले पत्र व जेल मैनुअल का हावला देते हुए अस्पताल प्रबंधन को कहा था कि अगर वह किसी को भी राम रहीम से मिलने की इजाजत देता है तो उसके लिए अस्पताल प्रबंधन जिम्मेवार होगा। उसके बाद मेदांता के लीगल सेल की ओर से लिए गए फैसले के बाद राम रहीम से किसी भी विजटर व अटेंडेंट देने से मना कर दिया गया। जिसके बाद हनीप्रीत का कार्ड निरस्त कर दिया।
गौरतलब है कि राम रहीम की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसे कोविड वार्ड से हटाकर 15 वीं मंजिल पर शिफ्ट किया गया था।