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Gurugram News: रक्षाबंधन कल...भद्रा का साया हटने से बना शुभ संयोग

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सावन पूर्णिमा पर मंदिरों में शिव के अभिषेक की तैयारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व शुक्रवार 28 अगस्त को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाए जाने वाले इस त्योहार को लेकर बाजार में गहमागहमी है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो रहा है।
पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह 9 बजकर 8 मिनट से शुरू होगी और 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर समाप्त होगी। राखी बांधने का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त 28 अगस्त को सुबह 5 बजकर 57 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। मंदिरों में सावन पूर्णिमा पर भगवान शिव के अभिषेक की तैयारी है। सिद्धेश्वर मंदिर में सावन के महीने में चल रहा प्रतिदिन रुद्राभिषेक का कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न होगा।
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पौराणिक परंपराओं में रक्षाबंधन का त्योहार
पंडितों के अनुसार, भविष्य पुराण के अनुसार, देव-दानव युद्ध में विजय प्राप्त करने के लिए इंद्राणी ने मंत्रपूत रक्षासूत्र भगवान इंद्र की कलाई पर बांधा था। महाभारत में भी श्रीकृष्ण की उंगली कटने पर द्रौपदी द्वारा अपनी साड़ी का आंचल बांधने और श्रीकृष्ण द्वारा चीरहरण के समय रक्षा करने का प्रसंग प्रसिद्ध है। वहीं, ऐतिहासिक दृष्टि से मेवाड़ की रानी कर्मावती द्वारा हुमायूं को राखी भेजकर रक्षा की गुहार लगाने की कथा आज भी भाई-बहन के कर्तव्य की मिसाल है।भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में रवींद्रनाथ टैगोर ने बंग-भंग आंदोलन के दौरान रक्षाबंधन को सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक बनाकर अंग्रेजों के खिलाफ जनजागरण का माध्यम बनाया था।
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