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Gurugram News: रेल कॉरिडोर से बदलेगी तस्वीर, रोज होगी पांच करोड़ टन माल की ढुलाई

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कई मायनों में खास होगा हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर, बनेंगे नए स्टेशन
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केएमपी के साथ विकसित होगा, मारुति प्लांट से होगी महज 200 मीटर की दूरी

संजय शिशौदिया
गुरुग्राम। अपने अंतरिम बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन तरह के रेल कॉरिडोर पर काम किए जाने की बात कही है। इनमें से एक हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड ( एचआरआईडीसी ) द्वारा पलवल-मानेसर-सोनीपत के बीच हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर को डेवलप करने की योजना पर काम शुरू हो गया है।
हरियाणा में यह कॉरिडोर केएमपी और यूपी में ईस्टर्न पेरिफेरल के साथ-साथ तैयार किया जाएगा। दिल्ली की सड़कों से यातायात का दबाव कम करने के लिए जिस तरह रिंगनुमा ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का निर्माण किया गया है। ठीक उसी तर्ज पर रेल यातायात का दबाव कम करने के लिए ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की योजना बनाई गई है।
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हरियाणा में सोनीपत से मानेसर होकर पलवल तक ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की लंबाई लगभग 126 किलोमीटर है। इसकी अनुमानित लागत करीब 5618 करोड़ रुपये आंकी गई है। वहीं, यूपी की सीमा में ईस्टर्न पेरिफेरल के समानांतर प्रस्तावित कॉरिडोर की लंबाई लगभग 142 किलोमीटर और अनुमानित लागत करीब 6500 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

आईएमटी मानेसर की बदलेगी तस्वीर
सोनीपत, झज्जर, नूंह और गुरुगाम के मानेसर से होते हुए पलवल तक लगभग 126 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की 29.5 किलोमीटर लंबी विद्युतीकृत दोहरी ट्रैक रेलवे लाइन नूंह और गुरुग्राम जिलों से होकर गुजरेगी। दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए इस रेल कॉरिडोर पर काम किया जा रहा है। इसके बनने से गुरुग्राम में आईएमटी मानेसर की तस्वीर बदल जाएगी। खास बात है कि मानेसर में यह रेल कॉरिडोर देश की सबसे बड़ी ऑटो मोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी के प्लांट से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित होगा।

हर दिन पांच करोड़ टन माल ढुलाई की संभावना
हरियाणा रेल आर्बिटल कॉरिडोर पर माल गाड़ियों से हर दिन पांच करोड़ टन माल की ढुलाई किए जाने की संभावना है। इस रेलवे ट्रैक पर 160 किलोमीटर तक प्रति घंटे तक की रफ्तार से ट्रेनें चल सकेंगी। अरावली की पहाड़ियों से गुजरने वाले इस कॉरिडोर पर दो टनल भी बनाई जाएंगी। खास बात है कि इस सुरंग का निर्माण इस तरह किया जाएगा कि डबल स्टेक कंटेनर भी आसानी से निकल सके। दोनों टनल (अप-डाउन) की लंबाई 4.7 किलोमीटर और ऊंचाई 11 मीटर व चौड़ाई 10 मीटर होगी।
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यूपी में जमीन अधिग्रहण पर चल रहा काम
हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरपोरेशन ने यूपी के अधिकारियों से वार्ता कर परियोजना पर जल्द काम शुरू करने को कहा है। यूपी के इलाकों में अभी जमीन अधिग्रहण पर काम चल रहा है। हरियाणा का तर्क है कि जब तक पलवल से ग्रेटर नोएडा, दादरी, गाजियाबाद दुहाई और बागपत होकर सोनीपत खंड का काम पूरा नहीं होगा, हरियाणा के हिस्से में परियोजना सफल नहीं होगी।

निजी क्षेत्रों की भी है भागीदारी
रेल कॉरिडोर के इस प्रोजेक्ट में हरियाणा में मारुति सुजुकी इंडिया लगभग 190 करोड़, जेएम बेक्सी ग्रुप लगभग 200 करोड़ रुपये के अलावा ऑल कार्गो लॉजिस्टिक 1400 करोड़ रुपये का निवेश कर रही हैं। हरियाणा की तर्ज पर इसी तरह यूपी की सीमा में कॉरिडोर के निर्माण के लिए फंडिंग पैटर्न पर विचार किया जा रहा है।

कॉरिडोर से यह होगा फायदा

ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर यात्री और माल ढुलाई में काफी कारगर होगा। इससे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, हरियाणा में आईएमटी और तमाम लॉजिस्टिक हब को कनेक्ट किया जाएगा। इसी तरह यूपी की सीमा में भी प्रमुख रेलवे स्टेशनों, प्रस्तावित दादरी लॉजिस्टिक हब, और भारतीय रेल व सड़क मार्ग से निर्बाध कनेक्टिविटी दी जाएगी। इससे औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। हरियाणा रेल ऑर्बिटल कॉरिडोर, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से पृथला और तावड़ू में जुड़ेगा। दिल्ली-एनसीआर के अंदर रेल यातायात का दबाव कम होगा। सड़कों पर माल वाहनों की आवाजाही कम होगी। इससे प्रदूषण में भी कमी आएगी।
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हरियाणा में इन स्थानों पर बनेंगे स्टेशन:
इस रेल कॉरिडोर पर सोनीपत से तुर्कपुर, खरखौदा, जसौर खेड़ी, मांडौठी, बादली, देवरखाना, बाढ़सा, न्यू पातली, पचगांव, आईएमटी मानेसर, चंदला डूंगरवास, धूलावट, सोहना, सिलानी और न्यू पलवल में स्टेशन बनाए जाएंगे।

संजय शिशौदिया
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