-गुरुग्राम विवि में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बोले विशेषज्ञ
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शोधार्थियों और विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय विशेषज्ञों से संवाद का मंच प्रदान करने के उद्देश्य से गुरुग्राम विश्वविद्यालय के इकोनॉमिक्स विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का विषय जीडीपी से आगे इंसान की भलाई, विकसित भारत 2047 के लिए विकास के होलिस्टिक उपायों की ओर था।
कार्यक्रम की शुरुआत कुलगुरु प्रो. संजय कौशिक, मुख्यातिथि आशीष कुमार (सीनियर फेलो, नीति आयोग), मुख्य संरक्षक कुलसचिव डॉ. संजय अरोड़ा, मुख्य वक्ता प्रो. कन्हैया आहूजा (डायरेक्टर, स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय) और प्रो. जेम्स फोस्टर (प्रोफेसर, जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी) की ओर से दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कुलगुरु ने बताया कि सम्मेलन में 260 शोध पत्र प्राप्त हुए और अमेरिका, यूके व इजराइल के शिक्षाविदों की सहभागिता रही। मुख्यातिथि ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लिए केवल जीडीपी वृद्धि पर्याप्त नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, जीवन-गुणवत्ता, सतत विकास और खुशहाली जैसे संकेतकों को नीति-निर्माण के केंद्र में रखना होगा। प्रो. आहूजा और प्रो. फोस्टर ने समावेशी विकास, बहुआयामी गरीबी और वैश्विक अनुभवों के संदर्भ में भारत की विकास यात्रा का विश्लेषण प्रस्तुत किया। विशेष व्याख्यान प्रो. राम सिंह (डायरेक्टर, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स) ने दिया। इस अवसर पर सम्मेलन की थीम पर आधारित सोविनियर का विमोचन भी किया गया। इकोनॉमिक्स विभाग की चेयरपर्सन और डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. नीरा वर्मा ने स्वागत भाषण में विषय की व्यापकता पर प्रकाश डाला।