गुरुग्राम। स्कूलों में पढ़ाई को रोचक और आसान बनाने के लिए अब पजल कॉर्नर को और विस्तार दिया जाएगा। अभी तक जहां हरबंश और कश्मीरी जैसी सीमित पहेलियों का इस्तेमाल होता था, वहीं अब इसमें कई नई और अलग-अलग प्रकार की पहेलियां शामिल की जाएंगी। इस पहल के तहत राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) खुद नई पहेलियों का चयन करेगा।
इन पहेलियों को इस तरह तैयार किया जाएगा कि बच्चों की क्षमता, सोचने-समझने की शक्ति और विषयों में रुचि बढ़ सके। शिक्षा विभाग के अनुसार, हर 15 दिन में पजल कॉर्नर को अपडेट किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को लगातार कुछ नया सीखने और हल करने का मौका मिलता रहे। इससे कक्षा में सहभागिता बढ़ेगी और पढ़ाई का माहौल भी ज्यादा दिलचस्प बनेगा। एससीईआरटी के एडिशनल डायरेक्टर सुनील बजाज के मुताबिक पजल कॉर्नर को और प्रभावी बनाने के लिए अब इसमें कई नई प्रकार की पहेलियां शामिल की जाएंगी। अभी तक सीमित पहेलियां थीं, लेकिन अब एससीईआरटी के माध्यम से विविध और रोचक पजल तैयार कराए जाएंगे। हर 15 दिन में इसे अपडेट किया जाएगा, ताकि बच्चों की रुचि बनी रहे और उनकी सोचने-समझने की शक्ति का बेहतर विकास हो सके। संवाद